✍️माँ का फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर पेंशन हड़पने के मामले में न्यायालय ने मुकदमा दर्ज करने का दिया आदेश


अंकुर पटेल

वाराणसी:-
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (दशम) की अदालत ने मां का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर पेंशन का पैसा हड़पने के मामले में न्यायालय वाराणसी ने प्रार्थी राजेश मिश्रा की ओर से प्रस्तुत प्रार्थनापत्र अंतर्गत धारा 156 ( 3 ) दं.प्र.सं. स्वीकार करते हुए समुचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का संबंधित थानाध्यक्ष को आदेशित किया। वादी की ओर से विद्वान अधिवक्ता संजय कुमार चौबे व सहयोगी अरुण कुमार जायसवाल और दीपिका चौबे द्वारा पक्ष रखा गया।

👉प्रार्थनापत्र मय शपथपत्र में प्रार्थी द्वारा कहा गया है कि प्रार्थी की चाची विद्यावती देवी , जो कि पेंशनभोगी थी , दिनांक 27/03/2017 से 03/04/2017 तक हॉस्पिटल में भर्ती रहीं तथा दिनांक 03/04/2017 को हृदयगति रूक जाने के कारण उनकी सामयिक मृत्यु हो गयी । प्रार्थी की चाची की मृत्योपरांत विपक्षीगण द्वारा एक साजिश के तहत इसकी सूचना ट्रेजरी कार्यालय को नहीं दिये तथा माह नवंबर 2017 तक का प्रार्थी की चाची का पेंशन उनकी मृत्यु के उपरांत लगभग सात माह तक उनके खाते में जाने दिये तथा जब जीवित प्रमाण पत्र देने की बात आयी तब विपक्षीगण फर्जी व फरेबी ढंग से कूटरचित दस्तावेज विद्यावती देवी का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर उसे ट्रेजरी कार्यालय में प्रस्तुत किया तथा विद्यावती देवी का लगभग एक माह का पेंशन जो कि सरकारी धन था को उनके खाते से फर्जी व फरेबी दस्तावेज के आधार पर निकालकर उसका गबन कर गये । प्रार्थनापत्र के साथ पुलिस आयुक्त को प्रेषित पत्र की छायाप्रति व थाने की आख्या संलग्न है । थाने की आख्या के अनुसार प्रार्थनापत्र में वर्णित घटना के संबंध में कोई अभियोग पंजीकृत नहीं है । प्रार्थनापत्र में उल्लिखित प्रकरण संज्ञेय प्रकृति का है । प्रार्थनापत्र , शपथपत्र से समर्थित है तथा बिना विवेचना कराये सत्य को उदभुत किया जाना संभव नहीं है ।

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