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✍️✍️ 24 लाख की गोल्ड टेस्टिंग मशीन घोटाले में आरोपी को अग्रिम जमानत

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""बैंक लोन के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप"" वाराणसी। विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यूपीएसईबी) के न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने थाना कोतवाली में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में अभियुक्त पंकज कुमार पुत्र जयनाथ निवासी ग्राम तियरी मनीराम, पोस्ट बिठूआ, जनपद आजमगढ़ की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता संजय साहनी, संजय कुमार सिंह व अखिलेश कुमार ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखते हुए अग्रिम जमानत की मांग की, जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने मंजूर कर लिया"" 👉 अभियोजन के अनुसार वादी कौशल सेठ ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाराणसी की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि विपक्षीगण धर्म कुमार पाण्डेय, मेसर्स जेपी इंटरप्राइजेज तथा सनीष अस्थाना ने आपस में मिलकर बैंक लोन के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी की। 👉 वादी के अनुसार उसने अपने सुनार व्यवसाय के लिए गोल्ड टेस्टिंग मशीन खरीदने हेतु पंजाब एंड सिंध बैंक, लहुराबीर शाखा से लोन के लिए आवेदन किया था। एजेंट के माध्यम से लगभग 20,...

✍️✍️ 20 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट मामले में 7 आरोपी दोषमुक्त

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वाराणसी। विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट के न्यायाधीश सुशील कुमार खरवार की अदालत ने थाना रामनगर में दर्ज लगभग 20 वर्ष पुराने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले की सुनवाई करते हुए सात आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। ""अदालत में आरोपी अशोक यादव की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता रमेश कुमार यादव व नवीन यादव ने पक्ष रखा"" अदालत ने अभियुक्त मो० साबिर, जोगेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ जसविन्दर सिंह उर्फ बॉबी सरदार, अनिल गिरी, बद्री केसरवानी, बब्लू उर्फ अरुण कुमार उर्फ दादा जायसवाल, अशोक कुमार यादव व हिप्पी उर्फ चौधरी उर्फ सुरेन्द्र कुमार उर्फ सुरेश कुमार को धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के आरोप से बरी कर दिया। न्यायालय ने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा, जिसके कारण आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाता है। सभी आरोपी पहले से जमानत पर थे। अदालत ने उनके जमानतनामे और बंधपत्र निरस्त करते हुए प्रतिभूगण को दायित्वों से मुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना रामनगर के तत्...

✍️✍️ महालीय माई मंदिर चोरी प्रकरण में आरोपी को जमानत

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वाराणसी। विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) के न्यायाधीश सुशील कुमार खरवार की अदालत ने थाना सारनाथ में दर्ज मंदिर चोरी से जुड़े एक मामले में आरोपी सागर सिंह को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। आरोपी की ओर से दायर जमानत प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद अदालत ने स्वीकार कर लिया। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता रामेंद्र विक्रम सिंह, सुधीर कुमार सिंह व आयुष सिंह ने पक्ष रखा"" 👉 अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा घनश्याम पांडेय ने थाना सारनाथ में तहरीर देकर बताया कि वह ग्राम बरईपुर स्थित महालीय माई मंदिर के पुजारी हैं। आरोप है कि 14/15 दिसंबर 2025 की रात अज्ञात चोरों ने मंदिर की दान पेटी तोड़कर मुकुट, चेहरा सहित अन्य सामान चोरी कर लिया। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध बीएनएस की धारा 305ए, 331(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

✍️✍️ मारपीट व एससी/एसटी एक्ट मामले में दो आरोपियों को जमानत

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वाराणसी। विशेष न्यायालय (एस.सी/एस.टी एक्ट) की न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने थाना शिवपुर में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी संतोष कुमार पटेल व गोलू पटेल की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता इंद्रजीत पटेल व धीरज पटेल ने आरोपियों का पक्ष रखते हुए दलीलें प्रस्तुत कीं"" अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी अजय कुमार निवासी महेश्वरपुर दुदहीया पोखरी, थाना शिवपुर ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि 13 जून 2025 को शाम लगभग 5 बजे वह अपने गांव के पास अन्य लड़कों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान बॉल लेने के लिए जाते समय आरोपी गोलू पटेल ने उसे मारना-पीटना शुरू कर दिया तथा जातिसूचक गालियां दीं। आरोप है कि गोलू पटेल के साथ दीपक, संतोष पटेल व दीपक के पिता ने मिलकर वादी के साथ मारपीट की, जिससे उसके सिर व पीठ में चोटें आईं। वादी का यह भी आरोप है कि जब उसका बड़ा भाई दीपक कुमार बीच-बचाव करने आया तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की, जिससे उसे पैर व पीठ में चोटें आईं। इसके बाद जब वह ...

✍️✍️ संपत्ति विवाद में 'कान काटने' का आरोप: अदालत ने आरोपी को दी जमानत

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वाराणसी: जनपद वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र अंतर्गत छितुपुर में दो चचेरे भाइयों के बीच हुए खूनी संघर्ष के मुख्य आरोपी निखिल कुमार शर्मा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश) विनोद कुमार-VI की अदालत ने आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए आरोपी की रिहाई का आदेश जारी किया। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता श्याम सुन्दर चौरसिया व विश्वास सिंह ने पक्ष रखा"" वारदात का बैकग्राउंड: रंजिश और खूनी झड़प अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे छितुपुर में विवाद तब शुरू हुआ जब छत पर कपड़े फैलाते समय पानी की कुछ छींटें नीचे गिर गईं। देखते ही देखते मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। वादी पक्ष का आरोप था कि निखिल शर्मा ने अपने चचेरे भाई को पकड़कर उसके बाएं कान को दांतों से काटकर अलग कर दिया और जमीन पर गिरने के बाद उसके सीने पर ईंट से प्रहार किया। बचाव पक्ष के तर्क: 'क्रॉस केस' ने बदली तस्वीर सुनवाई के दौरान आरोपी के विद्वान अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष प्रभावशाली दलीलें पेश कीं,...

✍️✍️ विवाहिता की संदिग्ध मौत: कोर्ट ने पति और सास की जमानत अर्जी की खारिज

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वाराणसी। जिला एवं सत्र न्यायालय ने दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति अनुराग प्रजापति उर्फ धर्मेंद्र प्रजापति और सास कलावती देवी की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। न्यायालय ने अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया। ""अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान ने किया"" क्या है पूरा मामला? अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी महेशचंद्र ने अपनी पुत्री पूर्णिमा कुमारी की शादी 7 फरवरी 2025 को हिंदू रीति-रिवाज से अनुराग प्रजापति के साथ की थी। आरोप है कि शादी में पर्याप्त उपहार और नकदी देने के बावजूद ससुराल पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं थे। पति, सास और ननद पर आरोप है कि वे सोने की एक और चेन तथा चार पहिया वाहन (कार) की मांग को लेकर पूर्णिमा का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करते थे। हत्या कर फंदे पर लटकाने का आरोप बीते 13 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे ससुराल पक्ष पर पूर्णिमा की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण ...

✍️✍️ दोषमुक्त: जानलेवा हमले के मामले में सगे भाई दोषमुक्त

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वाराणसी। पैसे के लेनदेन के विवाद में युवक को घेरकर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में दो सगे भाइयों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत ने दशाश्वमेध निवासी आरोपित शरद यादव व उसके भाई छोटी उर्फ संजीव यादव को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।  ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा"" 👉 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा सिद्धार्थ राय ने 06 दिसंबर 2023 को दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह 06 दिसंबर 2023 को सुबह करीब 09.00 बजे घाट पर टहल रहा था। इसी दौरान शरद यादव ने उसे पैसे के लेनदेन के संबंध में बात करने के लिए अपने होटल रीवा गेस्ट हाउस पाण्डेय घाट पर बुलाया। जिस पर वह अपने परिचित चाचा निमाई चटर्जी को साथ लेकर उसके गेस्ट हाउस पर गया तो शरद यादव ने उसके चाचा के साथ गालीगलौज किया। इस पर जब उसने विरोध करते हुए मना किया तो उसने उसके साथ भी मारपीट, गालीगलौज करने लगा। इसके बाद वह वहां से अपने घ...