✍️✍️ बहू को सुसाइड के लिए मजबूर करने वाले ससुरालियों को झटका, कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत
वाराणसी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने विवाहिता काजल राय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और दहेज उत्पीड़न के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मृतका की सास कनकलता, जेठानी प्रिया और आंचल, तथा जेठ अभिषेक और विवेक सिंह की अग्रिम जमानत याचिकाएं अपराध की गंभीरता को देखते हुए निरस्त कर दी हैं। ""अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान ने पक्ष रखा"" सुसाइड नोट बना गले की फांस: "नहीं बन सकी पापा की प्रिंसेस" सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मृतका द्वारा लिखे गए मार्मिक सुसाइड नोट को मुख्य आधार बनाया। सुसाइड नोट में काजल ने स्पष्ट रूप से लिखा था कि वह अपने ससुराल वालों और पति के मानसिक व घरेलू उत्पीड़न के कारण "हसबैंड की क्वीन" नहीं बन सकी। नोट में आरोपियों के नाम का जिक्र करते हुए काजल ने लिखा था कि उसके पति उससे घृणा करते थे और उसे दूसरी शादी करने या घर छोड़कर जाने को कहते थे, जो उसके आत्मसम्मान के खिलाफ था। शादी के दो साल के भीतर हुई मौत वादी नीरज राय ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी बेटी...