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✍️✍️ दिनदहाड़े घर में घुस कर चोरी , गाली- गलौज जान से मारने व मरवाने व बम से उड़ा देने की धमकी देने का संगीन आरोप, थाना लोहता को FIR दर्ज करने का आदेश

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वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वर्तिका शुभानंद ने एक गंभीर चोरी के मामले में थाना लोहता पुलिस को प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश आवेदक द्वारा दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद दिया गया। ""बता दे कि पीड़ित ने धारा 173(4) के अंतर्गत प्रार्थना पत्र अपने फौजदारी अधिवक्ता देवऋषी सिंह, संदीप कुमार व उत्कर्ष चैटर्जी के जरिए माननीय न्यायालय में दाखिल किया था"" 👉 मामले के अनुसार , प्रार्थी ने आरोप लगाया कि उसके घर में योजनाबद्ध तरीके से चोरी की घटनाएं हुईं, जिसमें नगदी, आभूषण, कपड़े सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया गया। प्रार्थी के अनुसार, आरोपी पहले से उसके घर की गतिविधियों पर नजर रखता था और मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देता रहा।         घटना के बाद प्रार्थी ने थाना लोहता में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद प्रार्थी ने न्यायालय की शरण ली और धारा 173(4) के अंतर्गत प्रार्थना पत्र दाखिल किया।           न्यायालय ने मामले की ...

✍️✍️ बनारस: चंदापुर नरसंहार के दोषी को फांसी की सजा, एक ही परिवार के चार लोगों की रोंद डाली थी दुनिया

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वाराणसी। जनपद के चोलापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चंदापुर में 11 साल पहले हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले चौहरे हत्याकांड में अदालत ने अपना कड़ा फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम/यू.पी.एस.ई.बी.) विनोद कुमार-VI की अदालत ने अभियुक्त रविंद्र उर्फ राजू पटेल को चार लोगों की नृशंस हत्या का दोषी मानते हुए मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। बता दे कि ""अभियोजन की ओर से रोहित मौर्य [सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) वाराणसी] व वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता बटुक नाथ मौर्य , रितेश मौर्य एवं सुधांशु गुप्ता ने पैरवी किया"" ​ लोहे के रम्भे से किया था प्रहार ​अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 29 अक्टूबर 2013 की रात करीब 9:30 बजे की है। मृतक मोहन जायसवाल अपने परिवार के साथ चंदापुर स्थित मकान में रह रहे थे। रात के समय जब मोहन जायसवाल आंगन में गए, तभी गांव के ही रविंद्र उर्फ राजू पटेल ने उन पर लोहे के रम्भे (राड) से हमला कर दिया। बचाव के लिए आए उनके बेटे संदीप, पत्नी झूना देवी, बेटे प्रदीप उर्फ गोलू और बेटी पूजा पर भी राजू ने एक के बाद एक प्राणघातक प्रहार किए। हम...

✍️✍️ प्रॉपर्टी विवाद और धोखाधड़ी के आरोपी को कोर्ट से मिली राहत

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वाराणसी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने थाना कैंट से जुड़े एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी बहाजुल हक उर्फ शेरू को राहत देते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने आरोपी को 20,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की प्रतिभूति (Security) जमा करने पर रिहाई की मंजूरी दी। क्या है पूरा मामला? यह विवाद एक मकान की खरीद-बिक्री और उसके बाद हुए कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा है। वादिनी बेबी नाज का आरोप था कि उन्होंने रईशा बेगम से वाराणसी के चमरौटिया महाल स्थित एक मकान खरीदा था। आरोप है कि बाद में रईशा बेगम ने विपक्षी बहाजुल हक उर्फ शेरू के साथ मिलकर साजिश रची और एक फर्जी 'रजिस्टर्ड सट्टा' तैयार कर लिया। 👉 वादिनी के अनुसार, 1 दिसंबर 2015 की रात को आरोपियों ने उनके घर में घुसकर हमला किया, मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए मकान पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया।

✍️✍️ पत्नी को एक माह के भीतर ससुराल लौटने और वैवाहिक दायित्व निभाने का निर्देश

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वाराणसी। स्थानीय परिवार न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पत्नी को एक महीने के भीतर अपने पति के घर वापस लौटने और दांपत्य जीवन के कर्तव्यों का पालन करने का आदेश दिया है। यह निर्णय 'हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-9' (दांपत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना) के तहत एकपक्षीय सुनवाई के बाद लिया गया। बता दे की पति की ओर से इस मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता राम दुलार प्रजापति द्वारा किया गया। मामला क्या था? न्यायालय में प्रस्तुत वाद के अनुसार, दोनों पक्षों का विवाह नवंबर 2014 में हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। वैवाहिक जीवन के शुरुआती वर्षों के बाद, पति का आरोप था कि उसकी पत्नी बिना किसी उचित कारण के उसे प्रताड़ित करने लगी और जनवरी 2016 में अपने मायके चली गई। पति ने दावा किया कि उसने कई बार पंचायत और सामाजिक स्तर पर पत्नी को वापस लाने का प्रयास किया, लेकिन वह वापस आने को तैयार नहीं हुई।   अदालती नोटिस के बावजूद पत्नी उपस्थित नहीं हुई, जिसके कारण मामले की सुनवाई एकपक्षीय (Ex-parte) की गई। न्यायालय ने साक्ष्यों और हलफनामों के आधार पर पति के पक्ष में डिक्री पारित की। अदालत ने पत्नी को...

✍️✍️ वकील को भी “न छोड़ने” की धमकी, 5-6 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज

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वाराणसी के कचहरी परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक अधिवक्ता को खुलेआम जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया। घटना के संबंध में थाना कैंट में 5-6 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 👉तहरीर के अनुसार प्रार्थी शशांक शेखर त्रिपाठी, जो सिविल कोर्ट वाराणसी में अधिवक्ता हैं, 19 मार्च 2026 को सायं लगभग 7:30 बजे माननीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-9 की अदालत में बहस करने के बाद न्यायालय परिसर में नीचे आए। उसी दौरान उन्होंने देखा कि 5-6 अज्ञात व्यक्ति आपस में बातचीत कर रहे थे। बातचीत के दौरान वे कथित रूप से कह रहे थे कि “रजत जायसवाल को मार देना बहुत जरूरी है क्योंकि उसने हमारे लड़कों को जेल भिजवाया है।” 👉अधिवक्ता द्वारा इस पर आपत्ति जताने पर उन व्यक्तियों ने उनकी ओर इशारा करते हुए कहा कि “यह वकील भी हमारे खिलाफ बहस कर रहा था, इसे भी छोड़ना नहीं है।” विरोध होते ही सभी आरोपी अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। 👉घटना के समय वहां कई पुलिसकर्मी, अधिवक्ता और आम नागरिक मौजूद थे, जिन्होंने भी पूरे घटनाक्रम को देखा। प्रार्थी ने बाद में आरोपियों की तलाश...

✍️✍️ बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

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  वाराणसी के सत्र न्यायालय ने ग्राम बुंची (थाना सिंधोरा) में एक बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोपी संदीप की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह निर्णय सुनाया। क्या था मामला? अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 4 मार्च 2026 की है। आरोपी संदीप, राज और अन्य लोग डीजे पर अश्लील गाने बजाकर नाच रहे थे। जब वादी की माँ फूलपत्ती देवी ने उन्हें मना किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। बाद में आरोपियों ने घर में घुसकर फूलपत्ती देवी और उनके परिवार पर लाठी, डंडा और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इलाज के दौरान हुई मौत: इस हिंसक हमले में परिवार के कई सदस्य घायल हुए थे, लेकिन बुजुर्ग त्रिलोकीनाथ को सिर में गंभीर चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, जहाँ अगले दिन 5 मार्च को उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर की चोट (Coma as a result of head injury) बताया गया है। बता दे कि आरोपी के वकील ने तर्क दिया था कि उसे रंजिशन फंसाया गया है और वह घटना के समय वहां मौजूद नहीं था। हालां...

✍️✍️ सराय फाटक कांड: लोहे की रॉड से हमले का आरोप, आरोपी की अग्रिम जमानत मंजूर

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वाराणसी वाराणसी के थाना सिगरा क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर मारपीट के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (द्रुतगामी) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह द्वितीय की अदालत ने आरोपी करण यादव निवासी दशाश्वमेध को राहत देते हुए उसकी अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अजय गेठे ने प्रभावी पैरवी की"" क्या है पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार प्रार्थी विशाल यादव पुत्र किशन यादव निवासी औरंगाबाद, थाना लक्सा ने आरोप लगाया कि दिनांक 8 नवंबर 2025 की रात लगभग 10 बजे उसका भाई हर्ष यादव दावत से लौट रहा था। इसी दौरान सराय फाटक गेट के पास फरहान, करण यादव, आदित्य सोनकर व कुछ अज्ञात लोगों ने उसे घेर लिया और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा। हमले में हर्ष यादव गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया और उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। उसे तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल कबीर चौरा ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज की तथा हर...