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✍️✍️ वकील पर जानलेवा हमला, दबंग ने पत्नी और ड्राइवर के साथ मिलकर की फायरिंग,FIR दर्ज

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(वाराणसी)।   धर्मनगरी के सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित शंकरपुरम कॉलोनी में शुक्रवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक वकील (अधिवक्ता) को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। गनीमत रही कि पीड़ित ने टेंपो की ओट में छिपकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने मुख्य आरोपी, उसकी पत्नी और ड्राइवर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्या है पूरा मामला? प्राथमिकी के अनुसार, शंकरपुरम कॉलोनी निवासी आलोक पाठक (पुत्र रामप्रताप पाठक) शुक्रवार रात करीब 10:00 बजे अपना सामान दूसरे मकान में शिफ्ट कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी परिक्षित सिंह अपनी चार पहिया गाड़ी (UP65EM7776) से वहां पहुँचा और अधिवक्ता को अपशब्द कहने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने अंजाम भुगतने की धमकी दी। सोची-समझी साजिश के तहत हमला आरोप है कि कुछ ही देर बाद परिक्षित सिंह हाथ में असलहा लेकर लौटा, उसके साथ उसकी पत्नी और स्कूटी (UP65CM2199) पर सवार ड्राइवर भी था। ड्राइवर ने जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद परिक्षित सिंह ने पहली हवाई फायरिंग की और दूसरी गोली सीधे आलोक पाठक को निशाना बनाकर चलाई। पीड़ित ने तत्परता दिखाते हुए पास खड़े एक...

✍️✍️ जमीन सौदे में धोखाधड़ी और मारपीट के आरोपी को मिली सशर्त अग्रिम जमानत

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वाराणसी।  अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने जमीन विक्रय के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी, गाली-गलौज और मारपीट के आरोपी उमेश जायसवाल की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। अदालत ने मामले की प्रकृति को प्रथम दृष्टया दीवानी (Civil) विवाद मानते हुए आरोपी को राहत प्रदान की है। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता आर. पी. सिंह व विनय जायसवाल ने पक्ष रखा"" क्या है पूरा मामला? अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादिनी अनीता पटेल ने फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि आरोपी उमेश जायसवाल ने उनसे आराजी नंबर-2982 की जमीन का सौदा 15 लाख रुपये में तय किया था। वादिनी का आरोप है कि उन्होंने चेक और आरटीजीएस के माध्यम से पूरी रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दी थी। आरोप है कि तहसील में बैनामा दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के दौरान आरोपी बिना बताए वहां से चला गया। जब वादिनी ने पैसे वापस मांगे या बैनामा करने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने उनके घर जाकर गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और उनके साथ अभद्रता की। 👉 बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया कि आरोपी उम...

✍️✍️ सब्जी मंडी से बाइक चोरी करने वाले आरोपी को मिली जमानत

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वाराणसी। जिले की भेलूपुर थाना पुलिस द्वारा बाइक चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए अभियुक्त रजनीश कुमार यादव को न्यायालय से राहत मिल गई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले की परिस्थितियों और कानूनी प्रावधानों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया।अदालत ने आरोपी रजनीश कुमार यादव को ₹25,000 की जमानत राशि और इसी धनराशि का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने की शर्त पर रिहा करने का निर्देश दिया है। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता रूप कुंवर सेठ व अधिवक्ता गौरांग बाजपेई ने पक्ष रखा"" क्या है पूरा मामला? घटना की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई थी, जब सुंदरपुर सब्जी मंडी के पास से जय प्रकाश चतुर्वेदी नामक व्यक्ति की हीरो स्प्लेंडर बाइक चोरी हो गई थी। पीड़ित की तहरीर पर भेलूपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में रजनीश कुमार यादव को 23 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

✍️✍️ शादी का झांसा देकर अवैध संबंध बनाने का मामला, आरोपी को मिली जमानत

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वाराणसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय (प्रथम) कुलदीप सिंह-द्वितीय की अदालत ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी अनुज राजभर को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने मामले के तथ्यों, पीड़िता के बालिग होने और बयानों में विरोधाभास को देखते हुए आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी, अधिवक्ता डॉ जितेंद्र तिवारी, अधिवक्ता राजेश त्रिवेदी व अधिवक्ता आशुतोष शुक्ला ने पक्ष रखा"" क्या है पूरा मामला? चोलापुर निवासी अनुज राजभर के खिलाफ सिंधोरा थाने में धारा 69, 351(2) और 352 बी.एन.एस. के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि उसने पीड़िता को शादी का झांसा देकर करीब छह महीने तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपी 9 जनवरी 2026 से जेल में बंद था।

✍️✍️ अंतर्राज्यीय टप्पेबाज गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, कोर्ट ने दी सशर्त राहत

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वाराणसी। वाराणसी के लालपुर-पाण्डेयपुर पुलिस द्वारा दिल्ली और स्थानीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित टप्पेबाज गिरोह के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। इस गिरोह के सरगना बबलू और उसके पाँच साथियों पर उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता आलोक पाठक व अमित त्रिपाठी बंटी ने पक्ष रखा"" भीड़भाड़ वाले इलाकों में फैला रखा था आतंक पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह गिरोह एक विशेष 'मोडस ऑपेरंडी' के तहत काम करता था। आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ियों के बोनट पर मोबिल ऑयल फेंक देते थे और फिर ड्राइवर को झांसा देकर कि 'गाड़ी से तेल गिर रहा है' या 'धुआँ निकल रहा है', कीमती सामान उड़ा लेते थे। गिरोह का सरगना दिल्ली निवासी बबलू है, जिसके साथ विजय, गोपी, सूरज, संतोष (सभी दिल्ली निवासी) और स्थानीय साथी राजेश यादव शामिल हैं। कोर्ट का सख्त रुख: गैर-जमानती वारंट और राहत की शर्त वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरा...

✍️✍️ बहुचर्चित खजुरी देह व्यापार कांड की मुख्य आरोपी महिला को मिली जमानत, कोर्ट ने रिहाई का दिया आदेश

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वाराणसी। जनपद के कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत खजुरी (आजाद नगर कॉलोनी) में संचालित कथित देह व्यापार गिरोह की मुख्य आरोपी तरन्नुम बानो को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिल गई। न्यायालय द्वारा जमानत याचिका स्वीकार किए जाने के बाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाराणसी की अदालत ने आरोपी की रिहाई के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी की अदालत ने आरोपी की ओर से जमानत तस्दीक की प्रक्रिया पूरी की। अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का संज्ञान लेते हुए आरोपी को जेल से रिहा करने का निर्देश दिया। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखा"" वाराणसी न्यायालय के आदेशानुसार, अभियुक्ता तरन्नुम बानो द्वारा मुबलिग 1,00,000/-रू० (एक लाख रूपये) का व्यक्तिगत बंधपत्र तथा सामान राशि के दो प्रतिभू तथा इस आशय का अंडर टेकिंग दाखिल कि वह उक्त अपील की सुनवाई में सहयोग करेगा, दाखिल करने पर अभियुक्ता तरन्नुम बानो को जमानत पर रिहा किया जाये। मामले की पृष्ठभूमि यह मामला इसी वर...

✍️✍️ फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पने और पुलिस की मिलीभगत पर FIR के निर्देश

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वाराणसी: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) मनीष कुमार-II की अदालत ने जमीन के फर्जी कागजात तैयार करने, धोखाधड़ी करने और इसमें कथित रूप से शामिल पुलिस चौकी प्रभारी के विरुद्ध गंभीर रुख अपनाते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने थाना चौबेपुर को निर्देशित किया है कि इस मामले में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना सुनिश्चित की जाए। क्या है पूरा मामला? प्रार्थी विरेन्द्र कुमार मौर्या ने अदालत में धारा 173(4) BNSS के तहत प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया था। प्रार्थी का आरोप है कि उसने 2013 में ग्राम बराई (चौबेपुर) में बाबूलाल नामक व्यक्ति से 2720 वर्गफीट भूमि बैनामे के जरिए खरीदी थी। आरोप के मुख्य बिंदु के अनुसार विपक्षी लक्ष्मीना देवी ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ₹100 के स्टाम्प पर फर्जी विक्रय पत्र तैयार किया और बाबूलाल के फर्जी हस्ताक्षर बनाए ताकि प्रार्थी का नामान्तरण रुक सके। अभियुक्तों ने कलेक्ट्रेट के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का उपयोग कर 1979 का एक फर्जी सुलहनामा (दानपत्र) तैयार किया। जांच में पता चला कि जिस पदनाम और न्यायालय की मुहर लगी थी, उसका गठन ही 1990 के बाद हुआ...