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✍️✍️ लाखों की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी को राहत

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वाराणसी। विशेष न्यायालय (आ०व०अधि०) के न्यायाधीश सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत ने थाना चौक में दर्ज एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में अभियुक्त इमरान उर्फ इमरान अहमद उर्फ बबलू की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। अभियुक्त चाहमहमा, दालमण्डी, थाना चौक का निवासी है। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता श्याम सुन्दर चौरसिया, कामेश्वरनाथ दीक्षित “किशन दीक्षित” एवं राजकुमार शर्मा ने पक्ष रखा"" 👉 अभियोजन के अनुसार वादी मोहम्मद साजिद ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 4 नवम्बर 2021 को मकान संख्या सी.के. 48/88, रकबा 400 वर्गफीट, मोहल्ला चौक स्थित संपत्ति का 35 लाख रुपये में नोटोरियल एग्रीमेंट हुआ था। इस सौदे के तहत 5 लाख रुपये बतौर अग्रिम अदा किए गए। आरोप है कि पर्याप्त समय बीतने के बाद जब वादी ने रजिस्ट्री की मांग की तो मुख्य सट्टाकर्ता इमरान अहमद उर्फ बबलू व अन्य आरोपी मुकर गए और न तो रजिस्ट्री कराई, न ही धनराशि लौटाई। वादी का यह भी आरोप है कि संबंधित भवन पर आरोपियों का न कब्जा है और न ही वैध हिस्सा बंटा है, साथ ही संपत्ति पर स्टे आदेश भी प्रभावी है। धनवापसी की मांग करने पर गाली-गल...

✍️✍️ अपहरण के मामले में आरोपी को कोर्ट से राहत

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वाराणसी। जनपद के थाना राजातालाब में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में सत्र न्यायालय के न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने आरोपी प्रदुम (निवासी ग्राम देल्हना, थाना रोहनिया) की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया है। ""सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता मोहम्मद नदीम, मो. जियाउल हक, अब्दुल्ला खालिद, मुनिस रजा और मो. तारिक सिद्दीकी ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा"" अधिवक्ताओं की दलीलों और मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद, न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। मामले की पृष्ठभूमि अभियोजन कथानक के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। स्थानीय पुलिस ने आरोपी को पकड़कर जेल भेजा था, जिसके बाद मामला न्यायालय के समक्ष पहुंचा। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) और 87 के तहत मामला पंजीकृत था।

✍️✍️ 3.6 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार आरोपी को मिली जमानत

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""अलीनगर पुलिस ने रेलवे लाइन के पास से पकड़ा था"" चन्दौली। अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत ने थाना अलीनगर में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज एक गंभीर मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी आदित्य कामटी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को राहत प्रदान की। ""अदालत में आरोपी आदित्य कामटी की ओर से फौजदारी अधिवक्ता समशेर अली और सतीश मौर्य ने मजबूती से अपना पक्ष रखा"" उन्होंने पुलिस की गिरफ्तारी की प्रक्रिया और बरामदगी के तथ्यों पर अपनी दलीलें पेश कीं, जिसे सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत प्रार्थना पत्र को मंजूर कर लिया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 21 जनवरी 2026 का है। उपनिरीक्षक अनिल कुमार यादव और उनकी टीम गश्त पर थी, तभी आरपीएफ पोस्ट डीडीयू के सहायक उपनिरीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने सूचना दी कि एक व्यक्ति मानस नगर पोखरे के पास रेलवे लाइन के रास्ते गांजा लेकर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। इस दौरान एक संदिग्ध...

✍️✍️ दीवानी न्यायालय के कर्मचारी के घर में घुसकर जानलेवा हमला, लूटपाट व छेड़खानी करने का आरोप

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  ""भाजपा नेता समेत 9 के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश"" वाराणसी।  न्यायालय कर्मचारी के घर में घुसकर उस पर व उसके परिवार पर जानलेवा हमला लूटपाट व छेड़खानी करने के मामले भाजपा नेता की मुश्किलें बढ़ गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता, उसकी पत्नी समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का कैंट पुलिस को आदेश दिया है।  ""अदालत में न्यायालय कर्मी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, आकाश सोनकर व संदीप यादव ने पक्ष रखा"" प्रकरण के अनुसार सिकरौल, कैंट निवासी दीवानी न्यायालय का कर्मचारी सुरेश सोनकर ने अपने अधिवक्ताओं के जरिए अदालत में बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप था कि 20 जनवरी 2026 को समय रात्रि लगभग 8 से 9 बजे के मध्य प्रार्थी के पट्टीदार व पड़ोसी क्रमशः भाजपा नेता मनोज कुमार सोनकर, उसकी पत्नी अन्नू सोनकर, उसके पुत्र व पुत्री अकुंश सोनकर, अन्नु सोनकर व कोमल सोनकर व शशिकान्त साहनी उर्फ पिंपुल, प्रिंस सोनकर उर्फ बाबा, कुमकुम सोनकर, उमंग सोन...

✍️✍️ भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने ठुकराई दरोगा की जमानत अर्जी, 20 हजार रिश्वत कांड में जेल में रहेंगे चौकी प्रभारी

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वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) श्रीमती पूनम पाठक की अदालत ने सोमवार को विद्यापीठ चौकी के तत्कालीन प्रभारी शिवाकर मिश्रा की जमानत याचिका निरस्त कर दी। अदालत ने प्रकरण को गंभीर और लोक नीति के विरुद्ध मानते हुए अभियुक्त को राहत देने से इनकार कर दिया। ""अदालत में अभियोजन की तरफ से प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम विक्रम शील चतुर्वेदी, आलोक श्रीवास्तव व कमलेश कुमार यादव द्वारा किया गया"" क्या है मामला? अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रह्लाद गुप्ता के विरुद्ध उनकी पत्नी ने थाना सिगरा में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना दरोगा शिवाकर मिश्रा कर रहे थे। आरोप है कि मुकदमे को समाप्त करने के एवज में दरोगा ने ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी। सौदा तय होने के बाद, 28 जनवरी 2026 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एण्टीकरप्शन) की ट्रैप टीम ने जाल बिछाया। 👉 ट्रैप की कार्रवाई के दौरान, दरोगा शिवाकर मिश्रा के कहने पर उनके साथ तैनात आरक्षी गौरव कुमार द्विवेदी ने शिकायतकर्ता से ₹20,000 की पहली किस्त ली। टीम ने मौके से ही दोनों को रंगे हाथ गिरफ...

✍️✍️ किराएदार को घर खाली करने का आदेश

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021 के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अपर जिलाधिकारी (नगर)/किराया प्राधिकारी, वाराणसी ने किराएदार को बेदखल करने और पुलिस सहायता से मकान मालिक को कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया है। ""वादी की ओर से अदालत में संत सरन सेठ व तेज प्रकाश श्रीवास्तव ने पक्ष रखा"" मामला क्या है? यह मामला वाराणसी के सोनपुरा वार्ड (चेतगंज) स्थित एक भवन का है। मकान मालिक संतोष कुमार व अन्य ने किराएदार बटुक सिंह के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया था। कोर्ट ने पहले ही 10 जनवरी 2025 को किराएदार को परिसर खाली करने और बकाया किराया देने का निर्देश दिया था। न्यायालय की सख्त कार्रवाई अदालत के बार-बार अवसर देने के बावजूद किराएदार बटुक सिंह न तो न्यायालय में उपस्थित हुए और न ही उन्होंने कोई आपत्ति दाखिल की। इसे देखते हुए कोर्ट ने एकपक्षीय कार्रवाई (Ex-parte order) करते हुए विपक्षी के खिलाफ आदेश पारित किया। 9 फरवरी 2026 को जारी ताजा आदेश के अनुसार:  पुलिस सहायता: न्यायालय ने पुलिस आयुक्त, वाराणसी को 'फार्म-11' जारी करने का निर्देश दिय...

✍️✍️ बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में कोर्ट से राहत

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वाराणसी। जालसाजी एवं आपराधिक षड्यंत्र के एक चर्चित मामले में स्थानीय न्यायालय ने आरोपी कौशल सेठ को बड़ी राहत देते हुए जमानत प्रदान कर दी है। अपर सत्र न्यायाधीश देवकान्त शुक्ला की अदालत ने आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे सशर्त रिहा करने का आदेश दिया।  ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता जयदीप चक्रवर्ती, शिवेश भट्ट, मो कामिल, प्रमोद कुमार व अभय कुमार ने पक्ष रखा"" 👉 प्रकरण के अनुसार, पंजाब एंड सिंध बैंक की लहुराबीर शाखा के प्रबंधक मनीष अस्थाना ने थाना चेतगंज में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी कौशल सेठ ने गोल्ड टेस्टिंग मशीन खरीदने के लिए बैंक से ऋण प्राप्त किया था। बैंक ने ऋण की राशि मशीन सप्लायर जे.पी. एंटरप्राइजेज के खाते में स्थानांतरित कर दी थी। शिकायत के अनुसार, नवंबर 2024 में बैंक प्रबंधक द्वारा भौतिक सत्यापन के दौरान वीडियोग्राफी के सामने मशीन का बॉक्स खोला गया तो उसमें गोल्ड टेस्टिंग मशीन के स्थान पर गोदरेज की वॉशिंग मशीन मिली। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4) व 61(2)...