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✍️✍️ शादी का झांसा देकर अवैध संबंध बनाने का मामला, आरोपी को मिली जमानत

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वाराणसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय (प्रथम) कुलदीप सिंह-द्वितीय की अदालत ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी अनुज राजभर को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने मामले के तथ्यों, पीड़िता के बालिग होने और बयानों में विरोधाभास को देखते हुए आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी व आशुतोष शुक्ला ने पक्ष रखा"" क्या है पूरा मामला? चोलापुर निवासी अनुज राजभर के खिलाफ सिंधोरा थाने में धारा 69, 351(2) और 352 बी.एन.एस. के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि उसने पीड़िता को शादी का झांसा देकर करीब छह महीने तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपी 9 जनवरी 2026 से जेल में बंद था।

✍️✍️ अंतर्राज्यीय टप्पेबाज गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, कोर्ट ने दी सशर्त राहत

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वाराणसी। वाराणसी के लालपुर-पाण्डेयपुर पुलिस द्वारा दिल्ली और स्थानीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित टप्पेबाज गिरोह के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। इस गिरोह के सरगना बबलू और उसके पाँच साथियों पर उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता आलोक पाठक व अमित त्रिपाठी बंटी ने पक्ष रखा"" भीड़भाड़ वाले इलाकों में फैला रखा था आतंक पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह गिरोह एक विशेष 'मोडस ऑपेरंडी' के तहत काम करता था। आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ियों के बोनट पर मोबिल ऑयल फेंक देते थे और फिर ड्राइवर को झांसा देकर कि 'गाड़ी से तेल गिर रहा है' या 'धुआँ निकल रहा है', कीमती सामान उड़ा लेते थे। गिरोह का सरगना दिल्ली निवासी बबलू है, जिसके साथ विजय, गोपी, सूरज, संतोष (सभी दिल्ली निवासी) और स्थानीय साथी राजेश यादव शामिल हैं। कोर्ट का सख्त रुख: गैर-जमानती वारंट और राहत की शर्त वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरा...

✍️✍️ बहुचर्चित खजुरी देह व्यापार कांड की मुख्य आरोपी महिला को मिली जमानत, कोर्ट ने रिहाई का दिया आदेश

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वाराणसी। जनपद के कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत खजुरी (आजाद नगर कॉलोनी) में संचालित कथित देह व्यापार गिरोह की मुख्य आरोपी तरन्नुम बानो को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिल गई। न्यायालय द्वारा जमानत याचिका स्वीकार किए जाने के बाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाराणसी की अदालत ने आरोपी की रिहाई के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी की अदालत ने आरोपी की ओर से जमानत तस्दीक की प्रक्रिया पूरी की। अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का संज्ञान लेते हुए आरोपी को जेल से रिहा करने का निर्देश दिया। ""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखा"" वाराणसी न्यायालय के आदेशानुसार, अभियुक्ता तरन्नुम बानो द्वारा मुबलिग 1,00,000/-रू० (एक लाख रूपये) का व्यक्तिगत बंधपत्र तथा सामान राशि के दो प्रतिभू तथा इस आशय का अंडर टेकिंग दाखिल कि वह उक्त अपील की सुनवाई में सहयोग करेगा, दाखिल करने पर अभियुक्ता तरन्नुम बानो को जमानत पर रिहा किया जाये। मामले की पृष्ठभूमि यह मामला इसी वर...

✍️✍️ फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पने और पुलिस की मिलीभगत पर FIR के निर्देश

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वाराणसी: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) मनीष कुमार-II की अदालत ने जमीन के फर्जी कागजात तैयार करने, धोखाधड़ी करने और इसमें कथित रूप से शामिल पुलिस चौकी प्रभारी के विरुद्ध गंभीर रुख अपनाते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने थाना चौबेपुर को निर्देशित किया है कि इस मामले में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना सुनिश्चित की जाए। क्या है पूरा मामला? प्रार्थी विरेन्द्र कुमार मौर्या ने अदालत में धारा 173(4) BNSS के तहत प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया था। प्रार्थी का आरोप है कि उसने 2013 में ग्राम बराई (चौबेपुर) में बाबूलाल नामक व्यक्ति से 2720 वर्गफीट भूमि बैनामे के जरिए खरीदी थी। आरोप के मुख्य बिंदु के अनुसार विपक्षी लक्ष्मीना देवी ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ₹100 के स्टाम्प पर फर्जी विक्रय पत्र तैयार किया और बाबूलाल के फर्जी हस्ताक्षर बनाए ताकि प्रार्थी का नामान्तरण रुक सके। अभियुक्तों ने कलेक्ट्रेट के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का उपयोग कर 1979 का एक फर्जी सुलहनामा (दानपत्र) तैयार किया। जांच में पता चला कि जिस पदनाम और न्यायालय की मुहर लगी थी, उसका गठन ही 1990 के बाद हुआ...

✍️✍️ 20 वर्ष का कठोर कारावास: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को सजा, वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला

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वाराणसी: वाराणसी की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त संगम को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार VI द्वारा सुनाया गया। ""अभियोजन पक्ष की ओर से संदीप कुमार जायसवाल (विशेष शासकीय लोक अभियोजक) ने पक्ष रखा"" घटना का संक्षिप्त विवरण मामला 1 मार्च 2025 का है, जब रामनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता रहस्यमयी परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। पीड़िता के पिता, अनिल कुमार ने 2 मार्च 2025 को संगम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि संगम, जो प्रयागराज का निवासी है और वाराणसी में पीएसी 36वीं वाहिनी में अपने ससुर के साथ रहता था, ने पीड़िता को डरा-धमकाकर अगवा किया था। 16 दिनों तक बंधक बनाकर किया दुष्कर्म पीड़िता ने अदालत में गवाही देते हुए बताया कि संगम उसे टेम्पो से ले जाकर पड़ाव सूजाबाद स्थित एक किराए के कमरे में ले गया था। वहां उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसकी मर्जी के खिलाफ उस...

✍️✍️ धोखाधड़ी कर 3.52 करोड़ हड़पने में सेल्स ऑफिसर की जमानत खारिज

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  वाराणसी। धोखाधड़ी व कूटरचना कर व्यापारी का 3.52 करोड़ रुपए हड़पने के मामले में आरोपित सेल्स ऑफिसर को कोर्ट से राहत नहीं मिली। फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने नैनी, प्रयागराज निवासी आरोपी अरविंद केशरी की जमानत अर्जी मामले की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी।  ""अदालत में जमानत अर्जी का विरोध वादी के अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव, संदीप यादव एवं अभियोजन की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता ने किया"" प्रकरण के अनुसार वादी मुकदमा नितिन मित्तल ने मंडुआडीह थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसने अपने फर्म के सामनों की सप्लाई व वसूली के लिए नैनी, इलाहाबाद निवासी आरोपी अरविंद कुमार केशरी को नौकरी पर रखा था। इस बीच अरविंद केशरी ने पैसे कमाने के लालच में कई दुकानदारों के नाम अलग-अलग बिल काटकर फर्जी जीएसटी नम्बर डालकर कम दाम में माल चन्द्रकान्त गुप्ता, रंजीत सिंह, युवराज सिंह व सत्येन्द्र जायसवाल ने आपस में षडयन्त्र करके स्वदेशी कोनिया, संजय जायसवाल ट्रेडिंग, मेसर्स बजाज नमकीन, सीताराम राधेश्याम, सोनू किराना स्टोर, शुमन किराना स्टोर, धीरज किरान...

✍️✍️ अधिवक्ता की ज़मीन पर कब्ज़े का प्रयास, महिलाओं ने हँसिया दिखाकर दी गला रेतने की धमकी,FIR दर्ज

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वाराणसी। काशी कमिश्नरेट के थाना लंका क्षेत्र के अंतर्गत नरायनपुर डाफी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दबंगों ने एक अधिवक्ता की पंजीकृत भूमि पर न केवल अवैध अतिक्रमण का प्रयास किया, बल्कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने नामजद निरंजन लाल, संदीप कुमार, ऊषा और कुसुम एवं अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता एडवोकेट दीपक कुमार सिंह, जो नरायनपुर डाफी के निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने ग्राम सभा नरायनपुर डाफी की आराजी संख्या 310 और 311 स्थित भूमि को नियमानुसार क्रय किया था, जिसका पंजीकरण उपनिबंधक सदर द्वितीय के कार्यालय में भी दर्ज है। घटना 19 फरवरी 2026 की है। पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, जब वह सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक के लिए अपनी भूमि से होकर निकल रहे थे, तभी पूर्व रंजिश रखने वाले निरंजन लाल, उनके पुत्र संदीप कुमार और कुछ अन्य अज्ञात लोग धारदार हथियारों के साथ वहाँ पहुँच गए। महिलाओं ने दी गला रेतने की धमकी आरोप है कि इन पुरुषों ने अधिवक्ता के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। इसी दौरान ऊषा और...