वाराणसी।
जनपद के लंका थाना क्षेत्र के अंतर्गत संगठित अपराध और रंगदारी मांगने के आरोपी शेख अजदर हुसैन को विशेष न्यायालय (गैंगेस्टर अधिनियम) के न्यायाधीश सुशील कुमार खरवार की अदालत ने अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए जमानत दे दी।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता विजय कुमार सिंह व सहयोगी अधिवक्ता विकेश सिंह रघुवंशी ने पक्ष रखा""
👉 बचाव पक्ष अभियुक्त के अधिवक्ता ने दलीलों में कहा कि उसे रंजिशवश फंसाया गया है और किसी भी मामले में वह दोषी सिद्ध नहीं हुआ है। यह भी बताया गया कि एक पुराने मामले (अ०सं० 285/2024) में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दंडात्मक कार्यवाही पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त को 50 - 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की दो जमानतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया। बता दें कि अभियुक्त 10 दिसंबर 2025 से जिला कारागार में निरुद्ध था।
मामले की पृष्ठभूमि
वादी मुकदमा रवि प्रकाश जायसवाल ने 9 दिसंबर 2025 को थाना लंका में तहरीर दी थी। आरोप के अनुसार, अभियुक्त शेख अजदर हुसैन, उसके पुत्र जुवरान शेख और साथी आफताब ने मिलकर वादी को रास्ते में रोककर जान से मारने की धमकी दी थी। वादी का आरोप था कि अभियुक्तों ने उससे 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और रुपये न देने पर उसे व उसके बच्चों को जान से मारने तथा फर्जी गैंगरेप के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी।
👉 बता दें कि वादी के तहरीर पर थाना लंका में बीएनएस की धारा- 111(3),351(3), 308(5), 126(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।