कचहरी दीवानी परिसर सोमवार को रणभूमि में बदल गया। थाना बड़ागांव पर तैनात उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति (37) को कुछ काली कोट पहने लोगों ने कचहरी परिसर में पहचान कर घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। बचाने आए पुलिस बल के साथ भी झड़प हुई। आनन-फानन में घायल दरोगा को अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि वह खतरे से बाहर हैं। सूत्रों के अनुसार 13 चोटें आई हैं।
पृष्ठभूमि : जमीन विवाद से उपजा मामला
👉 13 सितंबर को अधिवक्ता मोहित कुमार सिंह, निवासी ग्राम पुंआरी खुर्द, थाना बड़ागांव का उनके पट्टीदारों से जमीन विवाद हो गया था। विवाद थाना बड़ागांव पर जनसुनवाई के दौरान बढ़ा और पुलिस ने दोनों पक्षों के विरुद्ध बीएनएनएस की धारा 170/126/135 में कार्यवाही की थी। अगले दिन 14 सितंबर को मोहित कुमार सिंह को पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया। सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली कि उन्हें पुलिस ने लॉकअप में पीटा है। इसी आरोप के चलते अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया।
अदालत परिसर में हमला
👉 मंगलवार दोपहर लगभग 2:15 बजे उपनिरीक्षक मिथिलेश प्रजापति एक मामले में केस डायरी दाखिल करने दीवानी परिसर न्यायालय में आए थे। तभी काली कोट पहने समूह ने उन्हें पहचान कर जमीन पर गिराया और लात-घूंसों से पीटने लगे। बीच-बचाव करने आई पुलिस टीम पर भी हाथ उठाया। घायल दरोगा को बड़ी मुश्किल से पुलिस बल परिसर से बाहर लेकर गया और अस्पताल पहुंचाया।
अफवाह से मची भगदड़
प्रशासन और बार की बैठक
👉 घटना के तुरंत बाद जिला जज वाराणसी के चैंबर में अहम बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी, डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर), एडीएम सिटी, जिला जज, तथा द्वय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री शामिल रहे। बार के पदाधिकारियों ने घटना की निंदा की। सूत्रों के अनुसार जिला जज को घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज हेतु पुलिस ने आवेदन भी दिया है।
बार द्वारा आगे की रणनीति
👉 17 सितंबर को बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष व महामंत्री द्वारा पूर्व अध्यक्ष व महामंत्री की संयुक्त बैठक आहूत की गई है। इसमें घटना को लेकर एक मेमोरेंडम जारी करने और उपद्रवियों पर अंकुश लगाने पर चर्चा होगी।
वहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर कार्यवाही करने में लग गई है।
स्थिति नियंत्रण में
👉 समाचार लिखे जाने तक घायल दरोगा खतरे से बाहर बताए गए हैं। अफवाहों से सावधान रहने की जरूरत है। कचहरी सामान्यतः रोज की भांति कल भी चलेगी।






