✍️✍️ हाई कोर्ट ने नगर निगम के द्वारा 40 साल पुरानी किराए की दुकान को खाली कराने के नगर निगम के आदेश पर तत्काल रोक लगाते हुए नगर आयुक्त मेरठ से जवाब तलब किया है
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ सर्किट हाउस के सामने नगर निगम के द्वारा पिछले 40 साल से आवंटित दुकानों को खाली पुलिस बल के द्वारा दुकानों को खाली कराए जाने के आदेश पर रोक लगा दी है याची रामू साहू व तीन अन्य की तरफ से दाखिल याचिका में याचीगढ़ की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी व विपुल सिंघल ने माननीय न्यायमूर्ति जे जे मुनीर व अरुण कुमार की पीठ को बहस में बताया कि याचीगढ़ पिछले 40 सालों से किराए की दुकान चलाते आ रहे हैं याची गढ़ का पूरा परिवार अपनी अपनी दुकानों की आय पर निर्भर है नगर निगम ने 7 दिन के अंदर खाली न करने पर पुलिस बल के द्वारा खाली कराए जाने की नोटिस जारी कर दी है जबकि यांचीगढ़ की ओर से पूरा किराया जमा है याची ने 2027 तक अपना पूरा किराया जमा किया है । नगर निगम ने याचीगण की दुकानों को हटाकर ई वी स्टेशन ,सौर ऊर्जा, फुटपाथ ,ग्रीन जोन आदि बनाने हेतु याचीयो को नोटिस जारी किया है जबकि याचीगणों की दुकान फुटपाथ पर नही है ।इसके बावजूद बिना सुनवाई के नगर निगम ने मनमानी तरीके से दुकान खाली कराए जाने का आदेश पारित कर दिया है।याचियों ने कमिश्नर मेरठ को भी प्रार्थना पत्र देकर रोक लगाने की मांग की है जब तक कोई अन्य जगह निगम दुकान आवंटित नही कर देता। जिस पर हाईकोर्ट ने नगर निगम को तत्काल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट,मेरठ के द्वारा सूचना दिए जाने का आदेश पारित करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 24 जून नियत की है।
