वाराणसी। शनिवार की रात भेलूपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और अधिवक्ता के बीच बड़ा टकराव सामने आया। जानकारी के अनुसार, भेलूपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक कन्हैया पर अधिवक्ता को लोहे की वस्तु से प्राणघातक हमला करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। 👉 पीड़िता अधिवक्ता की पत्नी शारदा सिंह ने थाना भेलूपुर में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि वह अपने पति अधिवक्ता शिवा प्रताप सिंह के साथ देवी लक्ष्मी के दर्शन कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान रथयात्रा चौराहे पर नो-एंट्री का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें रोका। जब अधिवक्ता ने अपना परिचय दिया तो मौजूद दरोगा कन्हैया आग-बबूला हो गया और कथित रूप से कहा – “अधिवक्ता जीने लायक नहीं होते, ये कीड़े हैं, मारो साले को।” 👉 इसके बाद दरोगा ने लोहे की धातु से अधिवक्ता पर हमला कर दिया, जिससे उनका हेलमेट और चश्मा टूट गया और आंख के ऊपर गंभीर चोटें आईं। घायल अधिवक्ता को तुरंत बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। 👉 घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो तेजी से वायरल हो गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में अधिवक्ता रात में ही ट्रॉमा सेंटर ...
👉 ""कुछ मिले बिना लॉ की डिग्री के तो कुछ बिना बार काउन्सिल रजिस्ट्रेशन के, जॉच दल ने पकड़े गए लोगों को सख्त चेतावनी देकर छोड़ा"" वाराणसी : तथाकथित अधिवक्ताओ के पीछे पड़ी सेंट्रल बार व बनारस बार की गठित टीमे। 👉 बता दें कि वाराणसी जिला कचहरी में काले कोट व बैंड लगाकर काफ़ी संख्या में तथाकथित अधिवक्ताओं की भीड़ लगी हुई थी। 👉 आय दिन कचहरी परिसर से लेकर बाहर थानों तक आम जनमानस को बेवकूफ बनाकर ठगी कर रौब दिखाने का कार्य किया जा रहा था, जिसकी सुचना समय समय पर सोशल मीडिया व शिकायत के आधार पर बार के संज्ञान आया करता था। इन सब बातों को ध्यान में रखकर द्वय बार द्वारा टीम गठित की गई। जिसमें बनारस बार से 15 अधिवक्ता व सेंट्रल बार से 18 अधिवक्ता जांच समिति में शामिल किए गए। जो परिसर में तथाकथित अधिवक्ताओं की चेकिंग हेतू नियुक्त किया गया। 👉 बता दें कि चेकिंग अभियान के तीसरे दिन कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं की संख्या कम थी। जांच दल कईं टीम में विभाजित होकर अधिवक्ताओं की...
वाराणसी। कचहरी दीवानी परिसर सोमवार को रणभूमि में बदल गया। थाना बड़ागांव पर तैनात उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति (37) को कुछ काली कोट पहने लोगों ने कचहरी परिसर में पहचान कर घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। बचाने आए पुलिस बल के साथ भी झड़प हुई। आनन-फानन में घायल दरोगा को अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि वह खतरे से बाहर हैं। सूत्रों के अनुसार 13 चोटें आई हैं। पृष्ठभूमि : जमीन विवाद से उपजा मामला 👉 13 सितंबर को अधिवक्ता मोहित कुमार सिंह, निवासी ग्राम पुंआरी खुर्द, थाना बड़ागांव का उनके पट्टीदारों से जमीन विवाद हो गया था। विवाद थाना बड़ागांव पर जनसुनवाई के दौरान बढ़ा और पुलिस ने दोनों पक्षों के विरुद्ध बीएनएनएस की धारा 170/126/135 में कार्यवाही की थी। अगले दिन 14 सितंबर को मोहित कुमार सिंह को पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया। सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली कि उन्हें पुलिस ने लॉकअप में पीटा है। इसी आरोप के चलते अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया। अदालत परिसर में हमला 👉 मंगलवार दोपहर लगभग 2:15 बजे उपनिरीक्षक मिथिलेश प्रजापति एक म...
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