वाराणसी: न्यायालय विशेष/अनन्य (एससी /एसटी) एक्ट के न्यायाधीश ने अभियुक्तगण अनिल कुमार मौर्या एवं सुमन चौरसिया को एसटी/एससी एक्ट व अन्य धाराओं में तलब किया। परिवादी अपने अधिवक्ता वीरेश्वर श्रीवास्तव व हर्षित सिंह जरिए परिवाद पत्र में दाखिल किया कि परिवादी अनुसूचित जाति का चमार है तथा विपक्षीगण अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के सदस्य नहीं है। दिनांक 14/09/2018 को समय 11:00 दिन जिओ लाइफ लोकल प्राइवेट लिमिटेड चंद्रा चौराहा शीतला मंदिर थाना सारनाथ जिला वाराणसी पर जब परिवादी अपने एफडी के रुपए विपक्षी संख्या 1 अनिल मौर्या से लेने गया तो विपक्षी संख्या 1 अनिल मौर्य एवं उसकी पत्नी विपक्षी संख्या दो सुमन चौरसिया ने प्रार्थी के उक्त एफडी के रुपए नहीं दिए तथा उसे मां बहन की भद्दी भद्दी गालियां दिया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया प्रार्थना पत्र के अनुसार परिवादी द्वारा थाना सारनाथ पर सूचना दी गई परंतु उसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो उसने न्यायालय में अपने अधिवक्ता जरिए परिवाद पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने अपने आदेश में लिखा कि अभियुक्तगण अनिल कुमार मौर्या एवं सुमन चौरसिया को धारा 406, 323, 504 आईपीसी एवं धारा 3(1)द, 3(1)घ अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत जरिए सम्मन दिनांक 30/05/2022 के लिए तलब किया जाय। इस संबंध में परिवादी द्वारा आवश्यक पैरवी 7 दिन में की जाए।
