वाराणसी:सत्र न्यायालय वाराणसी के न्यायाधीश डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने के मामले में जेल में बंद आरोपी कालीचरण (अभियोजन द्वारा कथित नाम गौरव शर्मा) पुत्र उदयभान सिंह निवासी (अभियोजन द्वारा कथित पता धन्वन्तरी हास्टल, बी०एच०यू०, लंका, काशी कमिश्नरेट) ग्राम अजनर पोस्ट अजनर थाना अजनर, जिला महोबा, उत्तर प्रदेश की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता (क्रिमिनल) आलोक चंद शुक्ला की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
👉अभियोजन के अनुसार आरोपी गौरव शर्मा बीएचयू के आयुर्वेद संकाय चिकत्सा विज्ञान संकाय में इंटर्नशिप करता था। 30 जुलाई 2020 को पीड़ित महिला इलाज के लिए बीएचयू गई थी। इसी दौरान आरोपी और पीड़िता में दोस्ती हुई थी। 20 अगस्त को पीड़िता जब अपना चेकअप कराने बीएचयू गई तो पता चला कि मुहर्रम की वजह से हॉस्पिटल बंद था। आरोपी पीड़िता को बाइक पर बैठाकर धन्वंतरी हॉस्टल अपने कमरे में ले गया और वहां उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। जब पीड़िता ने विरोध किया तो शादी करने का झांसा देकर पीड़िता की मर्जी के खिलाफ उससे दुष्कर्म किया। पीड़ता ने जब उसपर शादी का दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा। पीड़िता ने 5 जनवरी 2022 को आरोपी के खिलाफ लंका थाने में लिखित तहरीर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने विवेचना के आधार पर अपराध की गंभरीता को देखते हुए आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
