✍️ धोखाधड़ी के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

 


वाराणसी: जमीन विक्रय करने के बाद भी धोखाधड़ी व अमानत में खयानत करते हुए जमीन पर अपना नाम चढ़वा लेने के आरोपित को कोर्ट से राहत नहीं मिली। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हाजीपुर, चोलापुर निवासी आरोपित नंद नारायन उर्फ खुड़भुड़ की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी। 

अदालत में वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव व विकास यादव ने जमानत अर्जी का विरोध किया

👉अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा ने चोलापुर थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि उसने आ.नं. 218 रकबा 0.9790 एयर भूमि में से गुलाबी देवी से 10 जून 1988 को साढ़े बासठ डिसमिल जमीन व 15 सितम्बर 1998 को 42 डिसमिल जमीन का बैनामा कराया था। बैनामा के समय भूस्वामिनी के तीनों लड़के नंद नारायण, हृदय नरायण व दिनेश के साथ ही भूस्वामिनी मृतका गुलाबी देवी के हस्ताक्षर बनवाए गए थे और सबकी सहमति से बैनामा में सबका फोटो भी अंकित है।बैनामा के बाद राजस्व अभिलेखों में वादी मुकदमा के नाम से दाखिल खारिज हो गया। बैनामा के समय से जमीन पर काबिज दाखिल है तथा जमीन को जोतते-बोते चले आ रहे है। इस बीच मृतका गुलाबी देवी के लड़के नंदनरायण, हृदयनरायण व दिनेश एवं विजयी यादव द्वारा मिलकर वादी मुकदमा के साथ धोखाधड़ी, जालसाजी का काम करते हुए कहा जा रहा है कि जमीन हमारी है। हम जोतने-बोने नहीं देंगे। उपरोक्त लोगों द्वारा वादी मुकदमा के साथ विश्वासघात करके अमानत में खयानत किया गया है तथा जान माल की धमकी दिया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने वादी की तहरीर पर चोलापुर थाने पर प्राथमिकी दर्ज की थी।

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