बचाव पक्ष की ओर से अदालत में अधिवक्ता रूस्तम अली, समशेर अली व सुबास प्रसाद ने पक्ष रखा।
वाराणसी: प्रभारी सत्र न्यायालय के न्यायाधीश देव कान्त शुक्ला की अदालत ने नाबालिक लड़की को बहला फुसलाकर कर भगाने के मामले में अभियुक्त पुष्कर त्यागी उर्फ शालू पुत्र काशीनाथ राम निवासी बजरडीहा थाना भेलुपुर वाराणसी को जमानत दे दी। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में अधिवक्ता रूस्तम अली, समशेर अली व सुबास प्रसाद ने पक्ष रखा।
अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा अनिल कुमार सोनकर द्वारा थाना भेलूपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई कि विपक्षी शालू उर्फ पुष्कर त्यागी उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर व परिवार के विरुद्ध ब्रेनवाश कर भगा कर ले गया। इसके पूर्व वादी की पुत्री को शालू व उसके भाई दिनेश व उमेश साजिश करके पूर्व में भी घर से भगा चुके हैं। प्रार्थी की पुत्री नाबालिक है, अच्छा बुरा सोचने समझने में असमर्थ है और विपक्षीगण की साजिश में आकर प्रार्थी व प्रार्थी के भाइयों कैलाश, सुभाष,सुनील को बार-बार धमकी देती रहती है कि जब मेरा मन करेगा मैं उसके साथ चली जाऊंगी। अगर आप लोगों ने मेरे विरुद्ध या मेरी प्रेमी शालू के विरुद्ध कोई कार्रवाई किया तो मैं फांसी लगाकर या आग लगाकर अपनी जान दे दूंगी और आपको व आपके भाइयों को फंसा दूंगी। इसलिए मैं जो कर रही हूं उसको करने दीजिए अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहिए। प्रार्थी की पुत्री इस समय शालू व उसके भाइयों के साजिश में आकर अपने को व अपने परिवार को तबाह करने पर तुली हुई है। यदि भविष्य में कोई घटना मेरी पुत्री के साथ घटित होता है तो इसकी समस्त जिम्मेदारी शालू, दिनेश,उमेश की होगी और मेरी पुत्री जो भी कार्य कर रही है, अगर उसको कुछ होता है या विपक्षीगण कुछ कर या करवा देता हैं तो इसकी कोई भी जिम्मेदारी मुझ प्रार्थी व मुझ प्रार्थी के भाइयों की नहीं होगी। वादी की पुत्री अब जो कुछ भी कर रही है,उसकी जिम्मेदार वह खुद होगी व उसका प्रेमी शालू व उसका परिवार होगा।

