""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, इंद्रपाल सिंह व रोहित यादव ने पक्ष रखा""
वाराणसी। पैसे के लेनदेन के विवाद में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपित होटल व्यवसायी को कोर्ट से राहत मिल गई। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने पाण्डेयघाट, दशाश्वमेध निवासी आरोपित शरद यादव को एक-एक लाख रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, इंद्रपाल सिंह व रोहित यादव ने पक्ष रखा।
👉 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा सिद्धार्थ राय ने दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 6 दिसंबर 2023 को दोपहर करीब एक बजे वह घाट पर टहल रहा था। उसी दौरान होटल व्यवसायी शरद यादव उसे पैसे के लेन-देन के सम्बन्ध में बातचीत करने के लिए होटल रीवा गेस्ट हाउस, पाण्डेय घाट पर बुलाये। जब वादी अपने परिचित चाचा निमाई चटर्जी को साथ लेकर उसके गेस्ट हाउस पर गया तो वह वादी के चाचा के साथ गालीगलौज करने लगा। इस पर जब वादी ने विरोध किया तो वह मारपीट करने लगा। इसके बाद जब वादी अपने घर जाने लगा, तभी शरद यादव और छोटी यादव ने अपने गेस्ट हाउस से 25-30 मीटर की दूरी पर अपने कुछ साथियों के साथ उसे घेर कर जान से मारने की नीयत से वादी के उपर चाकू से प्रहार किया तथा लाठी-डण्डा से मारने-पीटने लगे और जान से मारने की धमकी देने लगे। चाकू के हमले में वादी को बायें तरफ सीने के ऊपर दो जगह गहरी चोट आई तथा उसके शरीर पर लाठी-डण्डा से भी कई जगह चोट आई। इस मामले में होटल व्यवसायी शरद यादव व छोटी यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। साथ ही घटना में प्रयुक्त चाकू भी उसके पास से बरामद किया गया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि अभियोजन कथानक गलत एवं भ्रामक है, जिस पर कतई विश्वास नहीं किया जा सकता। वादी के मेडिकल रिपोर्ट से स्पष्ट है की उसको लगी चोटें सामान्य प्रकृति की है। चाकू से चोट के कोई निशान नहीं है। वादी मुकदमा को आई सभी चोटें साधारण प्रकृति की है। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन के बाद आरोपित को जमानत दे दी।

