वाराणसी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट (F.T.C.) ने जैतपुरा थाना क्षेत्र में हुई एक पल्लेदार की हत्या के मामले में संदेह का लाभ देते हुए तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार द्वितीय की अदालत ने सुनाया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान ने पक्ष रखा""
क्या था मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जग्गन यादव नाम का व्यक्ति, जो विशेश्वरगंज मंडी में पल्लेदारी का काम करता था, 19 नवंबर 2022 को काम पर गया था लेकिन वापस नहीं लौटा। 21 नवंबर को अखबार में एक अज्ञात शव की सूचना पाकर परिजनों ने उसकी पहचान जग्गन के रूप में की। मृतक के शरीर और सिर पर गंभीर चोटें थीं, जिससे यह स्पष्ट था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान पुलिस ने सोनू उर्फ मोहम्मद रफउत, रियाज उर्फ लम्बू, फैज उर्फ सीबू और एक बाल अपचारी का नाम प्रकाश में आने का दावा किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लूट के इरादे से जग्गन पर कील लगी लकड़ी की बल्ली से हमला किया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 'आला कत्ल' (बल्ली का टुकड़ा) और खून से सने कपड़े बरामद करने का दावा भी किया था।
अदालत का फैसला और दोषमुक्त का कारण
अदालत ने अपने निर्णय में पाया कि पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास था। मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- बरामदगी पर सवाल: गवाहों ने जिरह के दौरान स्वीकार किया कि गिरफ्तारी और बरामदगी की कागजी कार्रवाई मौके पर नहीं, बल्कि थाने में बैठकर की गई थी।
- विरोधाभासी बयान: गवाहों ने बताया कि पुलिस ने उन्हें आरोपी और हथियार थाने में ही दिखाए थे, जबकि पुलिस का दावा था कि बरामदगी आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से हुई थी।
- संदेह का लाभ: अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है।
न्यायालय ने आदेश दिया कि सोनू उर्फ मोहम्मद रफउत, रियाज उर्फ लम्बू और फैज उर्फ सीबू को धारा 302 भा.दं.सं. के आरोपों से दोषमुक्त किया जाता है।
