वाराणसी: अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पवन कुमार सिंह की अदालत ने सोलर ग्रीन कम्पनी के चेयरमैन को छलकपट व धोखाधड़ी के मामले में जमानत दे दी। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशिकांत दुबे एवं सहयोगी अधिवक्ता के रूप में आलोक सौरभ ने पक्ष रखा।
👉अभियुक्त के विद्वान अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया की अभियुक्त को स्थानीय पुलिस द्वारा साजिश कर फंसा दिया गया है जबकि अभियुक्त बिल्कुल निर्दोष है उसके द्वारा कोई भी अपराध कारित नहीं किया गया। अभियुक्त का 406,420 आईपीसी धाराओं में न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रेषित किया जा चुका है। अभियुक्त ने कभी भी किसी भी प्रकार से वादी मुकदमा के साथ अथवा उससे संदर्भित किसी व्यक्ति अथवा फर्म के साथ छल कपट धोखाधड़ी की घटना कारित नहीं किया। वादी मुकदमा व अभियुक्त के बीच जीएसटी बढ़ाने के कारण विवाद उत्पन्न हो गया। अभियुक्त द्वारा 85% कार्य पूर्ण कर लिया गया था और शेष कार्य करने हेतु इच्छुक है।
