वाराणसी: अंबेडकर जयंती या भीम जयंती, जिसे अंबेडकर जयंती के नाम से भी जाना जाता है, हर साल 14 अप्रैल को प्रसिद्ध भारतीय राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक बीआर अंबेडकर की स्मृति का सम्मान करने के लिए मनाई जाती है, जिनका जन्म इसी दिन 1891 में हुआ था। भारत में इसे 'समानता दिवस' के नाम से भी जाना जाता है।
👉 अम्बेडकर के जन्मदिन का पहला सार्वजनिक उत्सव 1928 में पुणे में एक अम्बेडकरवादी और सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन सदाशिव रानापिसे द्वारा आयोजित किया गया था, जिन्होंने अम्बेडकर जयंती की परंपरा शुरू की थी।
👉29 अप्रैल 2024 को, दी तहसील बार एसोसिएसन सदर वाराणसी में डॉ. बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती का उत्सव आयोजित किया गया। जिसमे मुख्य रूप से सार्थक अग्रवाल (एसडीएम सदर), सतीश वर्मा (तहसीलदार सदर), डॉ मनोहर राम, अवधेश सिंह (बीबीए अध्यक्ष), आशीष सिंह, प्रेम प्रकाश सिंह, प्रदीप राय,सुरेंद्र कुमार (महामंत्री तहसील सदर) आदि अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
👉कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि व अधिवक्ताओं द्वारा बाबासाहेब अंबेडकर जयंती मनाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। तदोपरान्त भारत के संविधान के पुस्तक को मुख्य अतिथियो व उपस्थित अधिवक्ताओं में वितरण किया गया।
