""अभियुक्त की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशिकांत दुबे व सहयोगी अधिवक्ता आलोक सौरभ , आकाश एवं अंकित ने पक्ष रखा""
👉अभियोजन के अनुसार प्रार्थिनी संध्या सोनकर पत्नी विकास सोनकर ने थाना शिवपुर में तहरीर दी की विपक्षीगण विकास सोनकर ,मुकेश सोनकर उर्फ जिम्मी पुत्रगण अमरनाथ सोनकर, अमरनाथ सोनकर पुत्र अज्ञात, शकुंतला देवी पत्नी अमरनाथ सोनकर व पिंकी सोनकर पुत्री अमरनाथ सोनकर एक ही परिवार के सदस्य हैं। विकास सोनकर के साथ दिनांक 6.5.2023 को विवाह हुआ। विवाह व विदाई के दौरान उसके घर वाले और रिश्तेदारों के द्वारा बहुत सारे उपहार दिए गए थे। दिनांक 7.5.2023 को मायके से विदा होकर अपने ससुराल गई, उसी दिन ससुराल में एक आयोजन रखा गया ,आयोजन में सम्मिलित होने के नाम पर विपक्षीगण प्रार्थिनी के शरीर से सारे जेवरात उतरवा कर अपने पास रख लिए और कहने लगे हम लोग हिंदू धर्म त्याग कर ईसाई धर्म हो गए हैं शुद्ध होकर ईसाई धर्म स्वीकार करना होगा कुछ देर बाद एक पादरी को बुलाकर प्रार्थिनी को शुद्धिकरण करने की बात कही प्रार्थिनी ने विरोध किया और कहीं मैं जन्म से हिंदू हूं और हिंदू ही रहूंगी आप लोग अपने धर्म छिपाकर छल पूर्वक धोखा देकर उससे शादी क्यों किया। इस पर विपक्षीगण कहा कि हम लोग सिर्फ दहेज के लिए शादी अपना धर्म छुपाकर कर लिया है। उसे हर हाल में ईसाई धर्म स्वीकार करना होगा। शुद्ध होने के लिए हमारे साथ चलना होगा, बिना शुद्ध हुए उसे स्वीकार नहीं करेगा। पति पैशाचिक प्रकृति का है उसके साथ कई बार जबरदस्ती और अप्राकृतिक तरह से क्रूरता का व्यवहार करता रहा। जब प्रार्थिनी विपक्षीगण की बात मानने को तैयार नहीं हुई तो विपक्षीगण प्रार्थिनी के साथ लामबंद हो गए तथा भद्दी भद्दी गालियां देने लगे तथा कम दहेज का ताना देने लगे। मारपीट कर शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान व प्रताड़ित करते रहे। इसी का नाजायज लाभ उठाकर देवर मुकेश सोनकर प्रार्थिनी को बाथरूम में बंद कर प्रार्थिनी के साथ जबरिया बलात्कार किया, विपक्षीगण बाहरी ईसाइयों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए प्रार्थिनी को मजबूर करने लगे जिसे प्रार्थिनी बराबर विरोध करती रही। दिनांक 6.8.2023 को विपक्षीगण प्रार्थिनी को मां बहन की गालियां देते हुए मारपीट कर सभी स्त्रीधन छीन कर घर से निकाल दिए तथा धमकी दिए कि अगर ईसाई धर्म स्वीकार करना हो तो 20 लाख रुपए दहेज में लेकर आना ।


