वाराणसी: सत्र न्यायालय के न्यायाधीश संजीव पांडेय की अदालत ने थाना रोहनिया में दर्ज गैर इरादतन हत्या करने के प्रयास के मामले में अभियुक्त गुड्डू गोड पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र गोड निवासी ग्राम खुशीपुर थाना रोहनिया जिला वाराणसी की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
""बचाव पक्ष की ओर से अदालत में फौजदारी अधिवक्ता बागेश श्रीवास्तव, त्रिलोकी प्रजापति व श्री नारायण ने पक्ष रखा""
👉प्रकरण के अनुसार वादी छविनाथ विश्वकर्मा,उसकी पत्नी भगवानी देवी व पुत्री पूनम को उनके गांव के गुड्डू गोंड और उसके लड़के लालु गोंड द्वारा राड और लाठी डंडे से मारपीट कर छोटे पहुंचाई गई जिसे तीनों गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे।
👉अभियुक्त की ओर से अदालत में विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया कि अभियुक्त को परेशान व बेइज्जत करने के लिए मनगढ़ंत एवं काल्पनिक तथ्यों के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में झूठा फंसा दिया गया है अभियोजन कथानक बिल्कुल गलत व बुनियाद है वास्तविकता यह है कि अभियुक्त का लड़का लाल गोंड उर्फ रणवीर कौशल अपने मित्र के साथ क्रिकेट खेलकर घर वापस आ रहा था तथा उसके द्वारा बिस्किट खाकर पैकेट फेंक दिया गया जो हवा में उड़कर वादी मुकदमा के घर चला गया जिससे नाराज होकर वादिगण अभियुक्त के पुत्र को मां-बहन की भद्दी भद्दी गालियां देने लगे, अभियुक्त का पुत्र रोते हुए घर आया और पूरी बात बताई जिस पर अभियुक्त उस घटना की स्पष्टीकरण के लिए वादी से मात्र पूछने गया था इसी बात पर वादीगण एक राय होकर अभियुक्त के घर चढ़ आए और अभियुक्त व उसके पुत्र को मारने पीटने लगे इसी बीच कथित पीड़ित भगवानी देवी भी भाग कर अभियुक्त के घर आने लगी तो रास्ते में पैर में ठोकर लगने से गिर गई और रोड पर पड़े पत्थर से उसे चोटे आई । अभियुक्त थाने पर गया पर उसकी एफआईआर न करके वादिगण द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर अभियुक्त व उनके पुत्र को नामजद कर दिया गया अभियुक्त को रंजिसन फसाया गया।


