✍️✍️ आपराधिक षड्यंत्र व धोखाधड़ी का मामला, अग्रिम जमानत मंजूर


वाराणसी: विशेष न्यायालय पॉक्सो के न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने थाना रामनगर में दर्ज आपराधिक षड्यंत्र व धोखाधड़ी के मामले में अभियुक्त मोहम्मद असफाक पुत्र मो. यासीन निवासी आदर्श नगर सुल्तानपुर सीटी जिला सुल्तानपुर कि ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नृपेन्द्र प्रताप सिंह नन्हे, अभय सिंह व सहयोगी अधिवक्ता आनन्द गुप्ता, शुशांत वर्मा व हर्षिता जायसवाल ने पक्ष रखा""

 👉 अभियोजन के अनुसार "प्रार्थी भाड़े पर ट्रक चलवाने का कार्य करता है। प्रार्थी ने 14 चक्का दो ट्रक फाइनेन्स कराकर वर्ष 2018 में क्रय किया है। प्रार्थी द्वारा दोनों ट्रको को फाइनेंस कराकर चलवाया जा रहा था परन्तु अनुभव की कमी व आर्थिक तंगी के कारण दोनों ट्रकों का नियमित किस्त जमा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. जिस कारण प्रार्थी ने अपने परिचित सुमित सोनकर पुत्र गुलाब राम सोनकर को अपनी परेशानियां बतायी। तत्पश्चात सुमित कुमार सोनकर ने प्रार्थी को बताया कि उसके परीचित अरुण पाठक पुत्र राज बहादुर पाठक उर्फ फेकू, जो ट्रक संचालक का कार्य करते हैं। मैं उनसे आपकी बात करा दूंगा यदि वह आपकी ट्रक चलवाने पर तैयार हो जाते है तो आपकी समस्या का हल हो जायेगा। तत्पश्चात् मई 2022 में सुनील कुमार सोनकर ने प्रार्थी की मुलाकात अरुण कुमार पाठक से करवायी जिसपर बातचीत के दौरान अरुण कुमार पाठक ने प्रार्थी के दोनों ट्रकों के बकाये किश्तों व आने वाले किश्तों को जमा करना स्वीकार किया तथा प्रार्थी के दोनों ट्रकों के एवज में 10,50,000 रूपया देने की बात कही। अरुण कुमार पाठक ने दिनांक 12.06.2022 को प्रार्थी की ट्रक संख्या यू०पी० 65 एच०टी० 2597 को अपने ड्राइवर मोहम्मद नौशाद पुत्र मो० यासीन को भेजकर मंगवा लिया और प्रार्थी को ड्राइवर मोहम्मद नौशाद के जरिये मात्र 1,50,000/ रुपया भेजवाया, जिसे सुमित सोनकर ने प्रार्थी को दिया और शेष बाद में देने का वादा किया तथा दिनांक 14.06.2022 को प्रार्थी की दूसरी ट्रक संख्या यू०पी० 65 जी०टी० 1697 को अरुण कुमार पाठक ने अपने ड्राइवर सद्दाम नाम के व्यक्ति को भेजकर मंगवा लिया। प्रार्थी द्वारा सुमित कुमार सोनकर की बातों में विश्वास करके उक्त दोनों ट्रकों को अरुण कुमार पाठक द्वारा भेजे गये दोनों आदमियों को सुपुर्द कर दिया गया। बाद में ज्ञात हुआ कि ड्राइवर सद्दाम द्वारा ले गये ट्रक को मो० अशफाक पुत्र यासीन द्वारा चलाया जा रहा है। कुछ दिनों बाद अरुण कुमार पाठक ने सुमित कुमार सोनकर के जरिये 7,10,000/ रूपया प्रार्थी को भेजवाया तथा शेष रूपया 1,90,000/- रूपया बाद में देने की बात कही। कई महीने बीतने के बाद अरुण कुमार पाठक व सुमित कुमार सोनकर द्वारा कोई रूपये का भुगतान नहीं किया गया, साथ ही दोनों ट्रकों के बकाये ई०एम०आई० को भी जमा नहीं किया गया। लगभग एक वर्ष से प्रार्थी के उपरोक्त ट्रकों का कोई पता ठिकाना अरूण कुमार पाठक व सुमित सोनकर द्वारा प्रार्थी को नहीं दिया जा रहा है। जबकि उन्हीं लोगों द्वारा प्रार्थी के दोनों ट्रकों का संचालन किया जा रहा है। इस बाबत प्रार्थी द्वारा अरुण कुमार पाठक व सुमित सोनकर द्वारा पूछने पर प्रार्थी को भद्दी भद्दी गालियां व जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। प्रार्थी को पूर्ण अंदेशा है कि उपरोक्त लोगों द्वारा पार्टी के दोनों ट्रकों के साथ कोई गैर कानूनी कार्य परिवहन किया जा रहा है।

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