"""आपराधिक विश्वासघात व धमकी का मामला""
वाराणसी: विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी कुमार प्रथम कि अदालत ने आपराधिक विश्वासघात व धमकी के मामले में दो सगे भाइयों सुनील कुमार वर्मा व अजय कुमार वर्मा को प्रथम दृष्टता अपराध अंतर्गत धारा 406 तथा 506 भा.द.सं. के अपराध के विचारण हेतु बतौर अभियुक्त जरिए शमन दिनांक 30 अप्रैल 2025 के लिए तलब किया।
""पीड़ित ने अपने अधिवक्ता वीरेश्वरनाथ श्रीवास्तव उर्फ रामजी श्रीवास्तव, विपिन पाठक व हर्षित सिंह जरिए परिवाद माननीय न्यायालय में दाखिल किया था""
👉 परिवादपत्र का संक्षिप्त कथन है कि प्रार्थी महीप सिंह व सगे भाई मनमोहन सिंह अपने अपने परिवार के जीविकोपार्जन के निमित ज्वैलरी का कार्य व व्यवसाय करते है। सुनील कुमार वर्मा व अजय कुमार वर्मा पुत्रगण श्री शंकर लाल वर्मा सोने चाँदी का काम व कारीगरी का काम करते हैं। सन् 2020 में प्रार्थी महीप सिंह का 27.292 ग्राम सोना व मनमोहन सिंह का 3.778 ग्राम सोना विपक्षी सुनील कुमार वर्मा के पास बतौर अमानत जमा है। जिसका जेवर बनाकर उनके द्वारा प्रार्थीगण को वापस नहीं किया गया है और न ही उक्त सोना वापस किया गया है। दिनांक 15.01.2022 को विपक्षी सुनील कुमार वर्मा अपने भाई अजय कुमार वर्मा को लेकर आये व अपने भाई को प्रार्थीगण से 8.5 किलो चाँदी उनको देने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि इसका हम बढ़िया माल बनाएँगे और आप को देंगे जिससे आपके कारोबार में उन्नति होगी,साथ ही यह विश्वास दिया की ये माल वादे के मुताबिक वापस लौटा देंगे।
