वाराणसी: विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) के न्यायाधीश देवकांत शुक्ला की अदालत ने 21 वर्ष पूर्व थाना कपसेठी में दर्ज गैर इरादतन हत्या व एससी/एसटी एक्ट के एक मामले में सुनवाई करते हुए आरोपीगण सूर्य नारायण उर्फ राजू तिवारी, प्रेम शंकर तिवारी, अखिलेश उर्फ अतर तिवारी व मनोज तिवारी निवासीगण ग्राम कुरु थाना कपसेठी जिला वाराणसी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता दिनेश चरण मिश्रा ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा उमाशंकर पुत्र स्वर्गीय पन्नालाल निवासी कुरु थाना कपसेठी जिला वाराणसी द्वारा थानाध्यक्ष कपसेठी जिला वाराणसी को लिखित तहरीर दिया गया कि दिनांक 8 मार्च 2004 को समय लगभग 2:00 बजे बच्चे लोग क्रिकेट खेल रहे थे उनके बच्चे और प्रेम शंकर तिवारी के भाई और गांव के अन्य बच्चों से क्रिकेट के विषय में कहा सुनी हुई इतने में सूर्य नारायण उर्फ राजू तिवारी अखिलेश उर्फ अतर पुत्रगण रामसूरत तिवारी एवं मनोज तिवारी पुत्र हुबनाथ तिवारी जो कुरु गांव के ही निवासी हैं, अपने-अपने हाथ में हॉकी,बैट, लाठी, रॉड लिए हुए मां बहन की गालियां देते हुए चमार सियार कहते हुए बच्चों को मारने लगे। बचाव करने के लिए वादी व उसकी मां तथा गांव के दिनेश पुत्र भगेलु, दिलीप पुत्र बेचन, रामकुमार पुत्र हरिशंकर पहुंचे उपरोक्त सभी लोग उनको भी मारने लगे। सूर्य नारायण तिवारी हॉकी से वादी व उसकी मां को मारे उनकी चोट से उसकी मां की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
