वाराणसी: अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नपेंद्र कुमार की अदालत ने पीड़ित द्वारा दाखिल अन्तर्गत धारा 173 (4) BNSS पर सुनवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक थाना रामनगर जिला वाराणसी को आदेशित किया की इस प्रकरण में थाने पर उचित धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कर अमल लाए और कृत कार्यवाही से 15 दिन के अंदर न्यायालय को भी अवगत कराए।
👉 बता दें कि पीड़ित ने अपने फौजदारी अधिवक्ता श्रीकान्त प्रजापति, पराग कुमार व विरेंद्र प्रताप के जरिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र धारा 173 (4) BNSS में दाखिल किया था, जिसमें कथन किया गया की प्रार्थी के पड़ोस के रहने वाले महेश केशरी व उसके भाईगण दिनेश व राजेश केशरी प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार वालों से रंजिश रखते है तथा आए-दिन गाली-गलौच व मारपीट करने के लिए अमादा रहते हैं। दिनांक-23.09.2024 को समय लगभग दोपहर 12:00 बजे प्रार्थी अपने हाल पते वाले मकान पर अपनी पत्नी के साथ भोजन कर रहा था कि अचानक महेश केशरी अपने भाईयों दिनेश केशरी व राजेश केशरी के साथ लाठी डण्डा लेकर गाली-गलौज करते हुए प्रार्थी के दरवाजे पर पैर मारकर गाली-गलौज देते हुए घर के अन्दर घुस गये और कमरे में रखे हुए सारे सामानों को तोड़ते-फोड़ने लगे. खाने-पीने की वस्तुओं को फेंक दिये। प्रार्थी इससे पहले कि कुछ सोच पाता तीनों हमलावर प्रार्थी को गाली-गलौज देते हुए जान से मारने की नियत से प्रार्थी के ऊपर हमला कर बुरी तरह लाठी-डण्डे से मारने लगे। प्रार्थी को मार खाता देखकर प्रार्थी की पत्नी बीच-बचाव करने आयी तो हमलावर प्रार्थी की पत्नी का बाल पकड कर धक्का दे दिये, जिससे प्रार्थी की पत्नी जमीन पर गिर गयी। हमलावरों के मारने से प्रार्थी के सर व अन्य जगहों पर गम्भीर चोटे आयी। प्रार्थी की पत्नी के शोर मचाने पर आस-पास के काफी लोग इकट्ठा हो गये और बीच-बचाव किये तब किसी तरह प्रार्थी की जान बच सकी उपरोक्त हमलावर जाते-जाते एलानियों धमकी देते हुए बोले कि इस बार तो लोगों के आने से बच गये, अगर दोबारा कुछ भी बोले तो जान से मार कर फेंक देंगे। प्रार्थी ने उपरोक्त घटना की लिखित सूचना तत्काल थाना रामनगर, को दिया, लेकिन थाना रामनगर की पुलिस द्वारा प्रार्थी के प्रार्थना पत्र पर कोई भी दण्डात्मक कार्यवाही नहीं किया गया। बल्कि प्रार्थी के खिलाफ अन्तगत धारा-126,135 बी०एन०एस०एस० की कार्यवाही कर दी गई तथा विपक्षी द्वारा दिये प्रार्थना पत्र पर थाना-रामनगर की पुलिस द्वारा विपक्षी के प्रभाव में आकर प्रार्थी के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर दिया गया। प्रार्थी काफी परेशान होने के बाद दिनांक 24/09/2024 को श्री शिव प्रसाद गुप्त मण्डलीय जिला चिकित्सालय वाराणसी में जाकर अपना दवा इलाज व मेडिकल बनवाया मेडिकल बनवाये के बाद प्रार्थी पुनः दिनांक-25.09.2024 को थाना रामनगर जाकर लिखित प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन थाना रामनगर की पुलिस द्वारा विपक्षियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं किया गया. बल्कि प्रार्थी को थाने से वापस भेज दिया गया थाना रामनगर की पुलिस द्वारा विपक्षियों के खिलाफ कोई कार्यवाही न होन पर उनका मनोबल काफी बढ़ गया तथा आये दिन प्रार्थी को पुनः मारने की धमकी देते रहते हैं। जिससे प्रार्थी डरा व सहमा रहता है। प्रार्थी काफी परेशान होने के बाद तथा लोगों के बताने पर दिनांक-13/1/2025 को पुलिस आयुक्त महोदय के समक्ष उपस्थित होकर लिखित प्रार्थना पत्र दिया उसके बावजूद भी थाना रामनगर द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं किया गया।
