✍️✍️ दलित उत्पीड़न का मामला, अंतरिम जमानत मंजूर

वाराणसी: विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) कि अदालत ने थाना रामनगर में दर्ज दलित उत्पीड़न के मामले में आरोपी प्रदुम यादव उर्फ चिराव की ओर से प्रस्तुत अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

""अदालत में बचाव पक्ष कि ओर से फौजदारी अधिवक्ता श्रीकान्त प्रजापति, पराग कुमार, विनोद यादव व शैलेंद्र केशरी ने पक्ष रखा""

👉 अभियोजन के अनुसार वादी छोटेलाल ने थानाध्यक्ष रामनगर वाराणसी में तहरीर दिया कि विपक्षी लोग यादव है जो दबंग किस्म के व्यक्ति है। जो लोग अपनी भैंस सड़क पर ही बाधते हैं। प्रार्थी के मना करने पर कि दुकान पर पशु फल खा जाते है एवं सड़क पर भी राहगीरों को मार देते हैं। तब विपक्षी विशाल उर्फ बच्ची यादव पुत्र लाल चन्द यादव, सोनू यादव पुत्र प्रभु यादव, श्याम सुन्दर उर्फ बन्टी पुत्र राजा यादव, नरेश पुत्र झिलमिट यादव नि० रत्तापुर थाना रामनगर वाराणसी चिरवाँ पुत्र लालजी यादव निवासी कुतुलुपु सभी लोग एक जुट होकर कि प्रार्थी को गाली गलौज अपमानित करते हुए कहने लगे कि खटीक चमार की जात हमारे इलाके में दुकान खोलकर हमलोगों को शिक्षा दे रहे हो, इसी घटना के बावत् आज पुनः मेरे भाई काजू सोनकर पुत्र खेमई सोनकर ने आज दिनांक 30/08/20 प्रातः 7.30 पुनः उपरोक्त लोगों से कहा कि यादव जी गाय भैंस फिर आपकी परेशान कर रही हैं कृपया बांध ले नहीं तो हम थाने में शिकायत कर देंगे इसी बात से उपरोक्त लोग नाराज हो गये एवं मारने के इरादे से प्रार्थी के भाई काजू को सिर पर व अन्य अंगों पर मारने पीटने लगे एवं भद्दी-भद्दी गाली देने लगे। तब प्रार्थी भी स्वयं वहाँ पहुँचा तो प्रार्थी को भी जमीन पर गिराकर मारने लगे जब लोग आये तब प्रार्थी एवं प्रार्थी के भाई किसी तरह जान बचाकर वहां से भागा एवं अपने मोबाइल से 100 नम्बर पर फोन किया जिससे मौके पर पुलिस पहुँची और प्रार्थी एवं उसके भाई की जान बच सकी। इस झगडे में मेरा मोबाइल गुम हो गया है।

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