✍️✍️ भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने ठुकराई दरोगा की जमानत अर्जी, 20 हजार रिश्वत कांड में जेल में रहेंगे चौकी प्रभारी


वाराणसी।

विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) श्रीमती पूनम पाठक की अदालत ने सोमवार को विद्यापीठ चौकी के तत्कालीन प्रभारी शिवाकर मिश्रा की जमानत याचिका निरस्त कर दी। अदालत ने प्रकरण को गंभीर और लोक नीति के विरुद्ध मानते हुए अभियुक्त को राहत देने से इनकार कर दिया।

""अदालत में अभियोजन की तरफ से प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम विक्रम शील चतुर्वेदी, आलोक श्रीवास्तव व कमलेश कुमार यादव द्वारा किया गया""

क्या है मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रह्लाद गुप्ता के विरुद्ध उनकी पत्नी ने थाना सिगरा में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना दरोगा शिवाकर मिश्रा कर रहे थे। आरोप है कि मुकदमे को समाप्त करने के एवज में दरोगा ने ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी। सौदा तय होने के बाद, 28 जनवरी 2026 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एण्टीकरप्शन) की ट्रैप टीम ने जाल बिछाया।

👉 ट्रैप की कार्रवाई के दौरान, दरोगा शिवाकर मिश्रा के कहने पर उनके साथ तैनात आरक्षी गौरव कुमार द्विवेदी ने शिकायतकर्ता से ₹20,000 की पहली किस्त ली। टीम ने मौके से ही दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।

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