✍️✍️ दहेज हत्या के मामले में साक्ष्य के अभाव में पति सहित ससुराल पक्ष के चार सदस्य दोषमुक्त
वाराणसी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश सुनील कुमार तृतीय की अदालत ने थाना जंसा में दर्ज दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में आरोपी अतुल जायसवाल, मुकुल जायसवाल (पति), श्यामसुंदर जायसवाल (ससुर) और शिवकुमारी देवी (सास) को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है।
""बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता विधान चंद्र सिंह यादव एवं अमन राज गुप्ता ने प्रभावी ढंग से दलीलें पेश कीं""
क्या था मामला?
अभियोजन के अनुसार, वादी ने अपनी पुत्री का विवाह 12 दिसंबर, 2019 को मुकुल जायसवाल के साथ किया था। आरोप था कि:
- शादी के समय हैसियत के अनुसार 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे।
- शादी के बाद पता चला कि पति सरकारी कर्मचारी नहीं बल्कि सेल्समैन है।
- ससुराल पक्ष द्वारा बुलेट मोटरसाइकिल और 2 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित किया जाता था।
- 26 जून 2020 को संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद वादी ने गला घोंटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इन धाराओं में दर्ज था मुकदमा
जंसा पुलिस ने वादी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A, 304B, वैकल्पिक धारा 302 और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

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