✍️✍️ करोड़ों की नशीली दवाओं की हेराफेरी के आरोपी को मिली अग्रिम जमानत
अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश आलोक कुमार की अदालत ने थाना चौबेपुर में दर्ज कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री और धोखाधड़ी से जुड़े एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी शुभम चौरसिया (निवासी: नरहरपुरा, कोतवाली) की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता संत सरन सेठ, उन्मेश श्रीवास्तव एवं प्रांजल राय ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 15 अक्टूबर 2025 को औषधि प्रशासन की टीम ने प्रयागराज के सहायक आयुक्त (औषधि) संजय के नेतृत्व में 'मेसर्स ओएमएचएस मेडिकेयर' का निरीक्षण किया था। जांच में पाया गया कि इस फर्म ने कोडीनयुक्त 'OHMLREX-T' सिरप की लगभग 32,871 बोतलें शुभम चौरसिया की फर्म 'मेसर्स शिवांश फार्मा' को बेची थीं।
निरीक्षण के दौरान मिलीं अनियमितताएं
जब औषधि निरीक्षकों की टीम शिवांश फार्मा के रोहनियां स्थित पते पर पहुंची, तो दुकान बंद मिली। मकान मालिक सुरेश सोनकर ने बताया कि शुभम चौरसिया ने दुकान किराए पर ली थी, लेकिन वह नियमित नहीं खुलती। जांच में सामने आया कि लखनऊ की अन्य फर्मों से भी 1500 बोतलें कोडीनयुक्त सिरप खरीदा गया था। विभाग का आरोप है कि शुभम चौरसिया ने बार-बार नोटिस देने के बावजूद न तो स्टॉक का सत्यापन कराया और न ही क्रय-विक्रय के दस्तावेज प्रस्तुत किए।
नशे के लिए दुरुपयोग का आरोप
औषधि विभाग ने आरोप लगाया कि कोडीनयुक्त सिरप का प्रयोग नशे के लिए किया जाता है। आरोपी ने अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 का उल्लंघन करते हुए इन दवाओं को खुले बाजार में अवैध रूप से खपा दिया। इसके बाद कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसने मोबाइल बंद कर लिया और फर्म को भी बंद कर दिया।
इन धाराओं में दर्ज था मुकदमा
वादी (औषधि विभाग) की तहरीर पर थाना चौबेपुर में शुभम चौरसिया के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 276,271, 206(a) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

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