उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021 के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अपर जिलाधिकारी (नगर)/किराया प्राधिकारी, वाराणसी ने किराएदार को बेदखल करने और पुलिस सहायता से मकान मालिक को कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया है।
""वादी की ओर से अदालत में संत सरन सेठ व तेज प्रकाश श्रीवास्तव ने पक्ष रखा""
मामला क्या है?
यह मामला वाराणसी के सोनपुरा वार्ड (चेतगंज) स्थित एक भवन का है। मकान मालिक संतोष कुमार व अन्य ने किराएदार बटुक सिंह के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया था। कोर्ट ने पहले ही 10 जनवरी 2025 को किराएदार को परिसर खाली करने और बकाया किराया देने का निर्देश दिया था।
न्यायालय की सख्त कार्रवाई
अदालत के बार-बार अवसर देने के बावजूद किराएदार बटुक सिंह न तो न्यायालय में उपस्थित हुए और न ही उन्होंने कोई आपत्ति दाखिल की। इसे देखते हुए कोर्ट ने एकपक्षीय कार्रवाई (Ex-parte order) करते हुए विपक्षी के खिलाफ आदेश पारित किया।
9 फरवरी 2026 को जारी ताजा आदेश के अनुसार:
- पुलिस सहायता: न्यायालय ने पुलिस आयुक्त, वाराणसी को 'फार्म-11' जारी करने का निर्देश दिया है।
- समय सीमा: चेतगंज थाना प्रभारी को आदेश दिया गया है कि वे पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर बलपूर्वक या शांतिपूर्ण तरीके से परिसर खाली कराकर संतोष कुमार को कब्जा सौंपें।
- कब्जा प्रमाण पत्र: पुलिस को निर्देश दिया गया है कि कब्जा दिलाने के बाद 'कब्जा प्रमाण पत्र' (Possession Certificate) न्यायालय में दाखिल करें।
