✍️✍️ फिल्म निर्माता दंपत्ति को मिली बड़ी राहत, करोड़ों की धोखाधड़ी का मर,अदालत ने मंजूर की अग्रिम जमानत
फिल्म निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में घिरे फिल्म निर्माता दंपत्ति प्रेम शंकर राय और उनकी पत्नी सीमा राय को वाराणसी की स्थानीय अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश (न्यायालय संख्या-01) देवकान्त शुक्ला की अदालत ने दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) अर्जी को शर्तों के साथ स्वीकार कर लिया है।
बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अश्वनी कुमार राय ने मजबूती से पक्ष रखते हुए दलील दी कि उनके मुवक्किलों को गलत तरीके से फंसाया गया है और यह मामला दीवानी (Civil) प्रकृति का है जिसे आपराधिक रंग दिया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मामला कैंट थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 490/2025 से जुड़ा है, जो भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 406, 467, 468 और 506 के तहत दर्ज किया गया था।
👉आरोप: वादी मुकदमा (विशाल सिंह) का आरोप था कि प्रेम शंकर राय और सीमा राय ने भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के साथ फिल्म 'बॉस' बनाने के नाम पर उनसे लगभग 1.25 करोड़ रुपये खर्च कराए। आरोप था कि मुनाफा देने के बजाय आरोपियों ने कूट रचित (Forged) दस्तावेज तैयार किए और पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
👉 बचाव पक्ष के वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अश्वनी कुमार राय ने अदालत को बताया कि फिल्म 'बॉस' वास्तव में बनी और रिलीज हुई, लेकिन कोरोना काल के कारण घाटे में रही। उन्होंने तर्क दिया कि वादी ने खुद को सह-निर्माता बनाने के लिए निवेश किया था और फिल्म के व्यवसाय में लाभ-हानि एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस विवेचना में अब तक कोई ठोस सबूत या मूल कूट रचित दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके हैं।

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