✍️✍️ घर में घुसकर मारपीट कर हाथ तोड़ने व जातिसूचक गाली देने का आरोप,दो महिलाओं की जमानत स्वीकृत


वाराणसी।

विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) के न्यायाधीश देवकांत शुक्ला की अदालत ने बड़ागांव थाना क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी महिलाओं को राहत दी है। अदालत ने मामले की अभियुक्त गीता देवी और अंजू देवी की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता अमन राज गुप्ता एवं विनय विश्वकर्मा ने पक्ष रखा""


क्या था मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी ने न्यायालय के समक्ष धारा-173(4) बी.एन.एस.एस. के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव का नामवर पटेल और उसके साथी दबंग किस्म के लोग हैं। आरोप है कि 26 जून 2020 की रात करीब 8 बजे अभियुक्तगणों ने वादी के घर पर चढ़कर गाली-गलौज की। जब वादी ने विरोध किया, तो नामवर पटेल और लक्ष्मण ने उसे पीटा, जबकि गीता और अंजू ने घर में घुसकर वादी की पत्नी संगीता देवी के साथ मारपीट की।


गंभीर आरोपों के बीच सुनवाई

वादी का आरोप था कि बीच-बचाव करने आए उसके पिता और भाई को भी ईंट-पत्थरों से घायल कर दिया गया और जेब से 1000 रुपये छीन लिए गए। घटना के दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था। वादी के अनुसार, चिकित्सीय परीक्षण में उसके हाथ की हड्डी टूटी हुई पाई गई थी।

👉 इस मामले में थाना बड़ागांव में अभियुक्तों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 323, 504, 506, 452, 325 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(द) व 3(1)(घ) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गीता देवी और अंजू देवी की जमानत मंजूर कर ली।

Comments

Popular posts from this blog

✍️✍️ अधिवक्ता पर दरोगा का जानलेवा हमला, ट्रॉमा सेंटर में भर्ती – वकीलों में उबाल

✍️✍️ बार के अभियान में कुछ पकड़े गए, कुछ चेकिंग देख कुर्सी छोड़ हुए फरार

✍️✍️ अम्बियामंडी क्षेत्र में हुई घटना के आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता कि जमानत मंजूर