वाराणसी। चेकिंग के दौरान लंका इंस्पेक्टर पर जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपित को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। प्रभारी जिला जज देवकांत शुक्ला की अदालत ने भभुआ, कैमूर (बिहार) निवासी आरोपित विकास पटेल को 50 हजार रुपए की एक जमानत एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन पक्ष के अनुसार लंका थाना प्रभारी राजकुमार 14 अगस्त 2025 को पुलिस टीम के साथ मलहिया तिराहा पर संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान एक सफेद रंग की अपाची पर दो व्यक्त्ति मलहिया की तरफ से डाफी टोल प्लाजा की तरफ जाते दिखायी दिये, जिन्हें रूकने का इशारा किया गया तो वे लोग भागने लगे। पुलिस द्वारा पीछा किया गया तो बदमाश अपने आप को पुलिस से घिरता देख कर अपने पास लिए असलहे से पीछे बैठे व्यक्ति ने इंस्पेक्टर समेत पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया। जिस पर पुलिस द्वारा भी एक राउंड फायर किया गया तो एक व्यक्ति वहीं जमीन पर गिरा हुआ था और कराह रहा था। वहीं गाड़ी चलाने वाला व्यक्ति भाग गया। पास जाकर घायल व्यक्ति को देखा गया तो उसके दाये पैर के घुटने के नीचे से खून बह रहा था। पूछने पर उसने अपना नाम विकास पटेल बताया तथा उसकी जामा तलाशी से एक अदद जिन्दा कारतूस 315 बोर व उसके पास में मिले बैग से 14,500 रूपये व तीन एन्ड्रायड मोबाइल फोन बरामद हुआ। ई-चालान ऐप पर अपाचे मोटरसाइकिल नंबर UP61AQ4370 को चेक करने पर वाहन स्वामी आलोक यादव अंकित है। तमंचे के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि इसे शौकिया रखता हूँ और कहा गया कि हम लोग शहर के कई जगहो पर चोरी व छिनैती की घटना कारित किये हैं। पकडे गये व्यक्ति से बरामद मोटरसाइकिल के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि दिनांक 25 जुलाई 2025 को उसने बीएचयू कैंपस से चुराई थी। भागने वाले व्यक्ति के बारे में पूछा गया तो उसने उसका नाम जयकान्त पटेल बताया तथा यह भी कहा कि हम लोग साथ में मिलकर चोरी व छिनैती करते हैं। पूछने पर बरामद सामान व पैसों के बारे में उसने बताया कि वह और उसका साथी जयकान्त मिलकर करीब 25 दिन पहले एक महिला का बैग छीना था, उसी में मिले थे। जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
