वाराणसी।
साइबर ठगी के एक मामले में अदालत ने पीड़ित को राहत देते हुए फ्रीज की गई रकम को रिलीज करने का आदेश दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाराणसी ने अपने आदेश में कहा कि पीड़ित के खाते से धोखाधड़ी के जरिए ट्रांसफर की गई राशि में से ₹48,063 को वापस उसके खाते में स्थानांतरित किया जाए।
बता दे कि ""पीड़ित की ओर से अदालत में फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखा""
👉 मामले के अनुसार, पीड़ित अख्तर अली के बैंक खाते से 22 फरवरी 2025 को साइबर ठगी के माध्यम से ₹50,000 की धनराशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी।
👉 शिकायत के बाद साइबर क्राइम पोर्टल पर मामला दर्ज हुआ, जिसके आधार पर जांच एजेंसियों ने संबंधित खातों को फ्रीज कर दिया। जांच के दौरान ₹48,063 की रकम विभिन्न बैंक खातों में सुरक्षित पाई गई।
👉 अदालत ने अपने आदेश में माना कि उक्त राशि पूरी तरह पीड़ित की है और धोखाधड़ी के कारण अन्य खातों में चली गई थी। ऐसे में पीड़ित को उसकी धनराशि वापस मिलना न्यायसंगत है।
👉 हालांकि, कोर्ट ने यह भी शर्त रखी है कि पीड़ित को ₹50,000 का बंधपत्र प्रस्तुत करना होगा और भविष्य में यदि इस धनराशि पर कोई अन्य दावा आता है, तो उसकी जिम्मेदारी भी पीड़ित की होगी।
