'दी सेंट्रल बार एसोसिएशन, वाराणसी' के तत्वावधान में आज अधिवक्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कचहरी परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन किया।
👉 एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन (पत्रक) सौंपा, जिसमें वकीलों के हित में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। बता दे कि यह पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एडीएम सिटी वाराणसी ने धरना स्थल पर आकर लिया।
प्रमुख मांगें:
धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया:
❗ एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट (अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम): इसे तत्काल प्रभाव से प्रदेश में लागू किया जाए ताकि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
❗निःशुल्क चिकित्सा सुविधा: अधिवक्ताओं के लिए मुफ्त इलाज की योजना को धरातल पर उतारा जाए।
बड़ा आंदोलन की चेतावनी
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम और महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि सरकार ने इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो अधिवक्ता समाज पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होगा।
👉 इस दौरान एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से नृपेन्द्र प्रताप सिंह 'नन्हे', जितेन्द्र यादव, सुशील कुमार मौर्य, मनोज कुमार शुक्ला, आनन्द प्रकाश उपाध्याय, सीता और अन्य कई वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल थे। अधिवक्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति सरकार संवेदनशीलता दिखाए।


