वाराणसी। जिला एवं सत्र न्यायालय, वाराणसी ने चोरी के दो अलग-अलग मामलों में निरुद्ध महिला आरोपी ललिता उर्फ सपना की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कुछ शर्तों के साथ रिहाई का आदेश दिया है।
""अदालत में दोनों मामले में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
मामले के अनुसार, लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र में चोरी की दो बड़ी घटनाएं हुई थीं:
पहली घटना: वादी शेषनाथ यादव के घर से नवंबर 2025 में सोने के हार, चेन, झुमके और नकदी चोरी हुई थी।
दूसरी घटना: वादी शुभम सिंह के घर से दिसंबर 2025 में सोने के कंगन, चेन और चांदी के सिक्कों सहित करीब 22,000 रुपये नकद चोरी हुए थे।
👉 पुलिस जांच के दौरान ललिता उर्फ सपना को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा था कि महिला के घर से चोरी के कुछ आभूषण और नकदी बरामद हुई है। पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि महिला का बेटा विक्की और उसके साथी घरों से गहने चोरी कर लाते थे, जिन्हें महिला आगे बेच दिया करती थी।
अदालत में बचाव पक्ष की दलील
👉 बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क दिया कि महिला को साजिश के तहत फंसाया गया है और वह निर्दोष है। यह भी दलील दी गई कि गिरफ्तारी का कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है और उसे केवल संदेह के आधार पर जेल भेजा गया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने महिला के खिलाफ पूर्व में दर्ज 6 मुकदमों के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया।
👉 बता दे कि सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने मामले के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए ललिता उर्फ सपना को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
