✍️✍️ Two accused in Instagram hacking fraud and IPL betting racket granted bail


✍️✍️ इंस्टाग्राम हैक कर ठगी, IPL सट्टा रैकेट के दो आरोपियों को मिली जमानत

वाराणसी। 

साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय से दो आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। बहन की इंस्टाग्राम आईडी हैक कर उसके भाई से रुपये ठगने तथा आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टा संचालन के आरोप में जेल भेजे गए कानपुर निवासी दो आरोपियों की जमानत अर्जी जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने स्वीकार कर ली। अदालत ने दोनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपये की दो-दो जमानतें तथा समान धनराशि का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।

""बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अनुज यादव एवं अधिवक्ता नरेश यादव ने अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा""


प्रतिबिंब पोर्टल पर शिकायत से खुला मामला

अभियोजन के अनुसार, वाराणसी साइबर क्राइम थाने के उपनिरीक्षक आलोक कुमार यादव को 24 जून 2026 को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता शरद शारदा ने बताया कि उनकी बहन की इंस्टाग्राम आईडी से उनके मोबाइल पर एक क्यूआर कोड भेजकर 2,000 रुपये की मांग की गई। बहन की आवश्यकता समझते हुए उन्होंने तत्काल राशि ट्रांसफर कर दी।

कुछ समय बाद उसी आईडी से फिर 3,000 रुपये की मांग की गई। इस पर शरद को संदेह हुआ और उन्होंने बहन से फोन पर संपर्क किया। बहन ने बताया कि उसने कोई पैसे नहीं मांगे हैं और उसकी इंस्टाग्राम आईडी हैक हो चुकी है। इसके बाद पीड़ित ने वाराणसी साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।

छापेमारी में मिले मोबाइल, सिम और एटीएम कार्ड

शिकायत की जांच के दौरान साइबर क्राइम टीम एवं स्थानीय पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मलदहिया स्थित दासनगर कॉलोनी के एक कमरे में छापेमारी की। वहां से पुलिस ने कानपुर निवासी दीपक सिंह और नवनीत सिंह को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार तलाशी में मौके से 9 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड तथा एक एटीएम कार्ड बरामद किया गया। बरामद डिजिटल उपकरणों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया।

ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चलाने का आरोप

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े होने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि उनका एक साथी प्रवीण उर्फ अक्षय इस नेटवर्क का संचालन करता है। आरोपियों के अनुसार बरामद मोबाइल और सिम कार्ड का उपयोग ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों के प्रचार, ग्राहकों को सट्टे की आईडी उपलब्ध कराने तथा जमा और निकासी की निगरानी के लिए किया जाता था। इसके बाद पुलिस ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।

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