✍️✍️ मारपीट-तोड़फोड़ व छेड़खानी का मामला, दो आरोपियों को अग्रिम जमानत
वाराणसी। चेतगंज थाना क्षेत्र के बड़ी पियरी में घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और धारदार हथियार से हमला करने के आरोपों से जुड़े मामले में अपर सत्र न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी जयते गुप्ता और उत्कर्ष गुप्ता की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने निर्धारित शर्तों का पालन करने और आवश्यक बंधपत्र व जमानतदार प्रस्तुत करने के आधार पर राहत प्रदान करने का आदेश दिया है। अदालत मे बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्तागण रूप कुंवर सेठ, मोनू राय व सूरज सिंह ने पक्ष रखा।
प्रकरण के अनुसार, वादी ज्ञान चंद्र गुप्ता की ओर से चेतगंज थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, घटना 30 अगस्त 2026 की सुबह करीब 10 बजे की बताई गई है। आरोप है कि किराएदार राजीव गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता, जयते गुप्ता समेत उनके साथी, कुल करीब 40 से 50 लोग, जबरन घर में घुस आए। शिकायत में महिलाओं को घसीटने, दुकान में तोड़फोड़ करने और विरोध करने पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
अग्रिम जमानत की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपियों को पुरानी रंजिश के कारण झूठा फंसाया गया है। प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी होने और आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं होने का भी हवाला दिया गया। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अग्रिम जमानत दिए जाने का विरोध किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने मामले के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति सहित अन्य परिस्थितियों पर विचार किया। इसके बाद अदालत ने जयते गुप्ता और उत्कर्ष गुप्ता के अग्रिम जमानत प्रार्थना-पत्र स्वीकार कर लिए।
अदालत के आदेश के अनुसार, प्रत्येक आरोपी को 50,000 रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र तथा समान धनराशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे। साथ ही दोनों आरोपियों को पुलिस अधिकारी द्वारा बुलाए जाने पर पूछताछ के लिए उपस्थित होना होगा। मामले के गवाहों या तथ्यों से परिचित व्यक्तियों को किसी प्रकार का प्रलोभन, धमकी या दबाव नहीं देना होगा। न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ना होगा, शर्तों का पालन भी करना होगा।
