👉चंदौली "गुड़िया" कांड: सीबीआई जाँच की मांग


 


👉अमिताभ ठाकुर तथा डॉ नूतन ठाकुर ने अकोढ्वा थाना बबुरी, चंदौली की “गुडिया” की अत्यंत रहस्यमय मौत के मामले में दर्ज हुए मुकदमे की विवेचना सीबीआई से कराने की मांग की है। 

अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग को भेजे अपने पत्र में उन्होंने कहा कि उन्होंने गुडिया की 12 जून 2021 की रात जिला चिकित्सालय, सोनभद्र में मौत होने तथा बिना पोस्टमोर्टेम अस्पताल द्वारा लाश देने सहित तमाम संदिग्ध तथ्यों के आधार पर बार-बार एफआईआर दर्ज कर दोषी अधिकारियों की जवाबदेही नियत करने की मांग की थी किन्तु किसी भी अफसर ने इनका कोई संज्ञान नहीं लिया था।

इसी बीच बच्ची के बाबा ने स्पेशल कोर्ट (पोक्सो एक्ट) चंदौली के समक्ष धारा 156(3) सीआरपीसी में वाद दायर किया. उस वाद में भी थाना बबुरी ने अपनी आख्या दिनांक 04 जुलाई 2021 द्वारा दोषियों के बचाव का पूरा प्रयास किया जो कोर्ट के आदेश में भी लिखा है, लेकिन कोर्ट ने उस आख्या को पूरी तरह दरकिनार करते हुए एफआईआर दर्ज किये जाने के आदेश दिए. इसके बाद भी 07 दिन तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुआ और अंत में 14 जुलाई को एफआईआर दर्ज हुआ।

अमिताभ और नूतन ने कहा कि इस मामले में चंदौली पुलिस अभी तक अभियुक्तों के पक्ष में काम कर रही है. चंदौली पुलिस की अब तक की हरकतों से स्पष्ट है कि इस मामले में उनके स्तर से कोई भी न्याय संभव नहीं है. अभियुक्तगण अत्यंत रसूखदार लोग हैं, अतः मामला सीबीआई को सौंपा जाना जरुरी दिखता है।

अमिताभ ठाकुर तथा डॉ नूतन ठाकुर ने मुख्य सचिव,गृह विभाग,उत्तर प्रदेश,लखनऊ को पत्र लिखकर (पत्र संख्या- NT/Complaint/106/2021) सीबीआई जाँच की मांग कीऔर पत्र की प्रतिलिपि- डीजीपी, यूपी, मंडलायुक्त वाराणसी/मिर्ज़ापुर, एडीजी जोन/आईजी रेंज वाराणसी/मिर्ज़ापुर, डीएम चंदौली तथा एसपी सोनभद्र/चंदौली को भी आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रेषित की।


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