वाराणसी:-अपर जिला व सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने धोखाधड़ी के आरोप में चोलापुर निवासी आरोपित रामदुलार की द्वितीय जमानत याचिका नामंजूर कर दिया। अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मुकेश श्रीवास्तव ने किया। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा छविनाथ ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर थाना मंडुआडीह में आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि 1980 में उसने मंडोवली तहसील सदर जिला वाराणसी में एक जमीन का बैनामा अपने पक्ष में कराया जिस पर उसका नाम खसरा खतौनी में चला आ रहा था 1 सितंबर 2019 को वादी अपने उक्त जमीन पर सो रहा था तो विपक्षीगणो ने उसका दरवाजा खटखटाया तथा दरवाजा खोलने पर विपक्षीगणो ने उसके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया और उसे उस जमीन से भाग जाने की धमकी दी वादी ने उक्त घटना के बाद पता किया तो पता चला कि विपक्षीगणो ने उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र उसके जीवन काल में जीवित रहते ही बनवा कर उक्त जमीन पर अपना नामांतरण करवा लिया है। वादी ने उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी परंतु उसका मुकदमा दर्ज नहीं हुआ जिसके बाद उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी द्वारा प्रस्तुत द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।
