
वाराणसी:-उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण , लखनऊ तथा माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , वाराणसी श्री ओ ० पी ० त्रिपाठी के आदेश के अनुपालन में 13 जुलाई मंगलवार को जिला कारागार , वाराणसी में निरूद्ध विचाराधीन महिला बन्दियो व उनके साथ रह रहे 06 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की देख भाल खान - पान , रहन सहन व पुरूष बन्दियों एवं उनकी स्थिति तथा लीगल एड क्लीनिक तथा कैदियो के हितो से सम्बन्धित मामलों के संबंध में पूर्णकालिक सचिव , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , वाराणसी श्रीमती कुमुद लता त्रिपाठी द्वारा निरीक्षण तथा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया । इस अवसर पर जिला कारागार के डिप्टी जेलर तथा विचाराधीन महिला व पुरूष बन्दी उपस्थित रहे । जिला कारागार में निरूद्ध कुछ महिला व पुरूष बन्दियो से उनकी समस्याओं के सम्बन्ध में बातचीत की गयी तो कुछ महिला व पुरूष बन्दियों द्वारा बताया गया कि उनके पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है , जेल अधीक्षक को उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने के लिए उनके आवेदन पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , वाराणसी को अग्रसारित करने हेतु निर्देशित किया गया । बन्दियो को प्लीबारगेनिंग विषय पर विधिक रूप से जागरूक करते हुए बताया गया कि प्लीबारगेनिंग एक स्वैच्छिक प्रकिया है । इस प्रकिया के तहत आरोपी अपने अपराध को मर्जी से स्वीकार करता है । दोनो पक्षो के बीच होने वाला समझौता अदालत की देख - देख मे होता है । आरोपी की सजा उस केस की न्यूनतम सजा से आधी या उससे भी कम कर दी जाती है । सात साल से कम की सजा से प्राविधानित उन मामलो में जिसमे आरोपी कुछ समय कारागार मे व्यतित कर चुका हो वे जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र देकर सुलह के माध्यम से अपने केस निस्तारण करा सकते है ।निरीक्षण के ही क्रम में केन्द्रीय कारागार , वाराणसी में भी विधिक सचिव द्वारा वर्चुअल निरीक्षण किया गया । वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार द्वारा बताया गया कि कारागार में बन्दियों की संख्या 1808 है एवं निरीक्षण की तिथि तक केन्द्रीय कारागार में कुल 1445 बन्दियो को कोरोना का पहला टीकाकरण कराया जा चुका है तथा 373 बन्दियो को द्वितीय खुराक भी लग चुकी है । केन्द्रीय कारागार मे कोई भी बन्दी कोरोना से संकमित नही है । कोरोना के पुनः विस्तार की स्थिति को देखते हुये विधिक सचिव द्वारा बन्दियो को सैनिटाइजेशन , मास्क लगाए जाने , साफ सफाई की व्यवस्था पर्याप्त रूप से बनाए रखने एवं लगातार काढ़ा दिये जाने हेतु जेल प्राधिकारियों को कड़ाई से आदेशित किया गया । निरीक्षण के दौरान ही कुछ बन्दियो द्वारा बताया गया कि घर वालो से मुलाकात नही हो पा रही है । इस संबंध में जेल अधीक्षक द्वारा बताया गया कि शासन से अभी मुलाकात का आदेश नही आया है । जेल में 12 पी 0 सी 0 ओ 0 लगा हुआ है । एक दिन में 250 बन्दी अपने घर पर बात कर सकते है । एक सप्ताह मे बन्दी तीन बार तक अपने घर बात कर सकते है । जेल प्राधिकारी द्वारा बताया गया कि कारागार में कोरोना टेस्ट कराने के बाद ही जेल में दाखिल किया जाता है।