""अभय सिंह के अधिवक्ता अनुज यादव ने बताया की अगली तारीख कोर्ट ने 11 जुलाई नियत की है""
वाराणसी: विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए अवनीश गौतम की अदालत में विधायक अभय सिंह पेश हुए। शनिवार को सुनवाई नहीं होने के कारण कोर्ट ने अगली तारीख 11 जुलाई नियत कर दी है।
बता दे की वर्ष 2002 में जौनपुर के रारी के तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह पर नदेसर में जानलेवा हमला हुआ था। इसमें सपा विधायक अभय सिंह, बसपा एमएलसी विनीत सिंह समेत कई आरोपी हैं। प्रकरण के मुताबिक तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह रारी जौनपुर अपने साथियों के साथ सफारी गाड़ी से परिवार के सदस्य रामजी सिंह की पत्नी को कबीर नगर अस्पताल से देखकर वापस जौनपुर लौट रहे थे उसी दौरान 4 अक्टूबर 2002 की शाम छह बजे जैसे ही नदेसर स्थित टकसाल सिनेमाहाल के पास पहुंचे तभी वहा टाटा सफारी और एक बोलेरो पहले से ख़डी थी। जिनमें अभय सिंह राजेपुर महराजगंज फ़ैजाबाद निवासी 4-5 साथियों के साथ इन गाड़ियों से स्वचालित असलहे रायफल बंदूक लिए उतरे, अभय सिंह ने ललकारते हुये कहा की यही धनंजय सिंह मारो और हाथ में लिए पिस्टल से जान से मरने कि नियत से गोली चलाने लगे। बोलेरो से एक आदमी उतरकर फायर करने लगा, भगदड़ मच गई। सभी ईधर उधर भागने लगे दुकानें बंद करने लगे। साथ में रह रहे गार्ड ने आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई उधर से भी उसके साथियों ने गोली चलाई जिसमे धनंजय सिंह घायल हो गए। इस बीच पुलिस की गाड़ी आ गई इस दौरान अभय व उसके साथी अपने वाहनों से भाग गए। धनंजय ने तहरीर में कहा कि अभय से छात्र जीवन से ही रंजिश है। कई बार मारने की कोशिश कर चुका है। अभय व उसके साथियों को मैने पहचाना है। आरोप लगाया कि अभय सिंह का यूपी में आतंक है। व्यापारियों से रंगदारी वसूलता है। भाड़े पर हत्या करता व करवाता है ।घटनास्थल पर मौजूद पुलिसवालों ने सिंह मेडिकल रिसर्च सेंटर में भर्ती करवाया। इस मामले में जौनपुर निवासी धनंजय सिंह कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में अभियोजन व बचाव पक्ष की तरफ से गवाही पूरी हो चुकी है। शनिवार को इस मामले में अभय सिंह का बतौर आरोपी सीआरपीसी 313 का बयान दर्ज करने के लिए तारीख नियत थी। आरोपी विनोद सिंह की माँ के निधन होने से उनके नहीं आने पर अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 11 जुलाई नियत कर दी।

