✍️✍️ 1.40 करोड़ रुपए डकैती काण्ड: जानिए किसने किया सरेंडर

 

वाराणसी: भेलूपुर थाना के 1.40 करोड़ रुपए डकैती के मामले में बिहार गांधी नगर गुजरात निवासी आरोपी जगदीश पटेल पुत्र विष्णुभाई पटेल ने पुलिस चाक चौबंद को धता बताते हुए कचहरी परिसर में उनकी आखों के सामने से अपने अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह व सिद्धार्थ श्रीवास्तव के जरिए कोर्ट में पहुंचकर दिन में लगभग एक बजे सिविल जज जूनियर डिवीजन/ फास्ट्र ट्रैक कोर्ट प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में समर्पण कर दिया। 

👉आरोपी के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की का भी आदेश जारी किया था, आरोपी को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।


लापरवाही में सात पुलिसकर्मी हुए थे बर्खास्त

👉डकैतीकांड के इस मामले में पुलिस की घोर लापरवाही भी सामने आई थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद लापरवाही बरतने और उच्चाधिकारियों को समय पर प्रकरण की जानकारी न देने के आरोप में डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर रमाकांत दुबे सहित सात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था, जांचोपरांत भूमिका संदिग्ध होने एडिशनल सीपी संतोष सिंह ने रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर रमाकांत दुबे, SI सुशील कुमार, SI महेश कुमार, SI उत्कर्ष चतुर्वेदी, कॉन्स्टेबल महेंद्र कुमार पटेल, कपिल देव पांडेय, शिवचंद्र को बर्खास्त कर दिया था।


कमीशन पर हवाला के रुपये पकड़वाना ही था पेशा

👉पुलिस की पूछताछ में गुजरात के महेंद्र उर्फ जगदीश पटेल और मो. वसीम का पेशा हवाला के रुपये बरामद करने का पेशा के रूप में सामने आया था। गोवा, मुंबई में इस तरह का काम कमीशन के लिए किया करते थे। वाराणसी में पहली बार हाथ आजमाए तो उनके लिए सलाखों का रास्ता खुल गया। गुजरात के जगदीश बरामद रुपये को हवाला का ही बताते कुचक्र रचा था।

प्रकरण, क्या था मामला

👉डकैतीकांड के बाद गुजरात की फर्म के कर्मचारी विक्रम सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। विक्रम ने तहरीर में बताया था "29 मई की रात अजीत मिश्रा उर्फ गुरु जी 12 असलहाधारियों के साथ शंकुलधारा स्थित आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित कार्यालय में घुस आए। मारपीट और धमकाकर कलेक्शन के 1.40 करोड़ रुपए लूट लिए।" हालांकि अगले दिन 30 मई की रात नाटकीय ढंग से लावारिश गाड़ी में 92.94 लाख रुपए बरामद हुए थे। इस केस में 12 अज्ञात असलहाधारियों के खिलाफ भेलूपुर थाने में डकैती सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था।

उक्त दौरान मामला जैसे ही आला अधिकारियों के पास पहुंचा, पता चल गया कि सब कुछ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से हुआ है। इसका संज्ञान लेकर भेलूपुर के थाना प्रभारी रमाकांत दुबे, दरोगा सुशील कुमार, महेश कुमार व उत्कर्ष चतुर्वेदी, कांस्टेबल महेंद्र कुमार पटेल, कपिल देव पांडेय व शिवचंद्र को निलंबित कर दिया गया। जांच आगे बढ़ी और मामले में संलिप्तता उजागर होने के बाद सबको पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इस संबंध में पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने बताया कि प्रकरण में सात पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया।


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