वाराणसी: सत्र न्यायालय के न्यायाधीश डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने पति पत्नी की ओर से प्रस्तुत अंतरिम अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से अदालत मे अधिवक्ता अम्बरीष सिंह व विवेक कुमार सिंह ने पक्ष रखा।
प्रकरण के अनुसार थाना शिवपुर में वादिनी द्वारा तहरीर दी गई कि मैं तुहिना सिंह पिछले 15 वर्षों से अपने माता-पिता द्वारा दिए गए मकान निवासी कॉलोनी गणेशपुर तरना के एक हिस्से में अपने परिवार सहित रह रही हूं। दिनांक 1 जनवरी 2024 को मेरे भाई आशुतोष जायसवाल व उसकी पत्नी कनुप्रिया ने मुझे गाली गलौज देकर मुझसे मारपीट किया, जिससे मेरे सिर में काफी चोट लग गई और मुझे घर खाली करके भाग जाने की धमकी दिया जिसकी मैं थाना शिवपुर में रिपोर्ट लिखवाई,जब मैं पुनः अपने मकान पर पहुंची तो मेरे भाई आशुतोष व उसकी पत्नी ने जबरदस्ती मेरे घर में घुसकर मुझसे मारपीट किया तथा जान से मारने की धमकी दी और मेरे मकान/कमरा में जबरदस्ती ताला बंद कर दिया और मुझे मेरी बेटी और पति के साथ बाहर निकाल दिया, तब से मैं बाहर भटक रही हूं, अपने घर में घुस नहीं पा रही हूं। मेरे घर के अंदर मेरा सारा सामान पैसा ज्वेलरी और टीवी फ्रिज अलमारी कपड़े बर्तन आदि रखे हुए हैं। मुझे डर है कि मेरा भाई मेरा सामान भी चोरी कर सकता है।

