वाराणसी: प्रभारी सत्र न्यायालय के न्यायाधीश राकेश पांडेय की अदालत ने थाना बड़ागांव में पंजीकृत भय मे डालकर जबरन वसूली व अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा गॄह आदि को नष्ट करने के एक मामले मे अभियुक्त विशाल जायसवाल पुत्र रामचंद्र जायसवाल निवासी ग्राम अमावर थाना बड़ागांव जनपद वाराणसी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
👉अभियोजन कथानक के अनुसार वादी मुकदमा विनोद कुमार द्वारा पुलिस आयुक्त कमिश्नरेर्ट वाराणसी को तहरीर दी गयी कि अभियुक्त विशाल जायसवाल ने वादी से व्यापार करने के लिये कई माह पूर्व 1,45,000/-रू० उधार लिया था। पैसा वापस मॉगने पर वह हीला हवाली करता रहा व टाल मटोल करने लगा तथा काफी नाराज हो गया। दिनांक 15.01.2023 को प्रार्थी के मोबाइल नम्बर पर उसको तरह-तरह की धमकी दी जा रही थी और अपने आप को माफिया डॉन कहा जा रहा था तथा दो लाख रूपये रंगदारी की माँग की जा रही थी और न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। उसने घटना के संबंध में एक प्रार्थनापत्र दिनांक 21.02.2023 को दिया था और श्रीमान् जी के आदेश पर एस०ओ० थाना प्रभारी को बुलाया गाय लेकिन विपक्ष वहाँ पर उपस्थित नहीं था। दिनांक 21/22.02.2023 को रात्रि को सुबह लगभग 1:20 मिनट पर उसके हरहुआ चौराहे पर स्थित मिठाई की दुकान व आवास पर चढ़कर छिड़क कर आग लगा दिया जिससे उसकी दुकान में रखा गया समान व दुकान के सामने लगाया हुआ साइन बोर्ड व त्रिपाल व अन्य काफी सामान जल कर नुकसान हो गया और सुबह करीब 09:30 बजे के लगभग उसके मोबाइल पर विपक्षी / अभियुक्त के मोबाइल से बार-बार रंगादरी की माँग की जाने लगी और बताया गया कि तुम्हारे दुकान में आग लगाया हूँ जो एक ट्रेलर है अगर तुम पैसा नहीं दोगे तो तुम्हारे दुकान में अगली बार बम से मारकर तुम्हारी हत्या कर देंगे। घटना की सूचाना एस०ओ० बड़ागाँव व पुलिस चौकी हरहुआ को दिया लेकिन पुलिस द्वारा कोइ भी कार्यवाही नहीं की गयी है। उक्त तहरीर पर पुलिस आयुक्त के आदेश के अनुक्रम में अभियुक्त विशाल जायसवाल के विरुद्ध थाना बड़गाँव पर मु0अ0सं0-55/2023 अन्तर्गत धारा 386,406,506,436 आईपीसी पंजीकृत किया गया।
👉अभियुक्त की ओर से विद्वान अधिवक्ता द्वारा अदालत में तर्क दिया गया कि कथित घटना पूर्णतः मनगढ़ंत व कपोल कल्पित है, प्रथम सूचना रिपोर्ट के प्रथम दृश्य अवलोकन से भी उपरोक्त कथित जुर्म प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से नहीं बनता है घटना दिनांक 15 फरवरी 2023 की कही जाती है जिसकी सूचना 21 फरवरी 2023 को दिया जाना कहा जाता है जिसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट दिनांक 26 फरवरी 2023 को दर्ज कराई जाती है संपूर्ण घटना की कोई निश्चित दिनांक व समय नहीं है घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट काफी विलंब से दर्ज कराई गई है तथा विलंब का कोई कारण दर्शित नहीं है। घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। अभियुक्त थाना कपसेठी का निवासी है, वह अमावर ग्राम में आकर निवास करता है तथा अपने घर से कुछ दूरी पर एक छोटी सी कबाड़ की दुकान खोलकर अपना तथा अपने परिवार का भरण पोषण करता है वादी मुकदमा दबंग व अपराधी किस्म का व्यक्ति है तथा पूर्व में ग्राम प्रधान भी रहा है तथा उसके गोल- गिरोह के संजय पटेल सुनील गुप्ता अपने अपराधी साथियों के साथ क्षेत्र में अपराधिकृत एवं रंगदारी जैसे कार्य करते रहते हैं वादी मुकदमा और गोल गिरोह ने अभियुक्त से दिनांक 20 नवंबर 2022 को यह करते हुए रंगदारी मांगी थी कि कोई भी व्यवसाय करने से पहले हम लोगों से संपर्क करता है और गुंडा टैक्स देता है जिसके संबंध में उसने थाने पर एवं पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र दिया था। वादी मुकदमा को जब इस बात की जानकारी हुई कि अभियुक्त द्वारा उन लोगों के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया गया है तो उसके द्वारा फर्जी व कपोल कल्पित कथानक बनाकर अपने ऊंचे पहुंचे व प्रभाव के कारण थाना बड़ा गांव को अपने साजिश में होकर अभियुक्त के विरुद्ध नामजद एफआईआर पंजीकृत करा दिया गया। वह निर्दोष है अतः जमानत पर रिहा किया जाए।
👉अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी द्वारा जमानत प्रार्थना पत्र का प्रबल विरोध करते हुए जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त करने की याचना की गई।
👉उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं के तर्कों को माननीय न्यायालय के द्वारा सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन कर अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया।

