Varanasi: अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने अभियुक्त नीरज कुमार राय उर्फ नीरज पुत्र राधेलाल उर्फ राधेश्याम राय मूलनिवासी शिवदासपुर थाना कपसेठी गोमती जिला वाराणसी व हाल पता भरुहना थाना कोतवाली देहात जिला मिर्जापुर को मुकदमा अपराध संख्या 193/2023 अंतर्गत धारा 379 354 504 506 427 भा.द.स. थाना कपसेठी वाराणसी के अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर अभियुक्त द्वारा एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र व इतनी ही धनराशि का दो प्रतिभू प्रस्तुत किए जाने की दशा में जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से अदालत मे अधिवक्ता विक्रम कुमार शुक्ला, रोशन कुमार सेठ व अंकुर पटेल ने पक्ष रखा।
👉अभियोजन के अनुसार प्रार्थिनी पुष्पी देवी पत्नी विनोद कुमार राय निवासिनी ग्राम शिवदासपुर, थाना कपसेठी, जनपद वाराणसी व वर्तमान मे अपने परिवार के साथ प्रयागराज रहती है ने अपर पुलिस आयुक्त कमिशनरटे को तहरिर दी की प्रार्थिनी के पति व जेठ के नाम की भूमिधरी भूमि आराजी न0-160, 161व 162 मौजा शिवदासपुर, परगना कटेहर, तहसील राजातालाब, जिला वाराणसी में तीन गाटा भूमिधरी है जिसपर आपसी समझौता दिनांक 01.08.2023 को थाना कपसेठी में प्रार्थिनी के पति विनोद कुमार राय को आराजी नं0-160,161 मिला था व प्रार्थिनी के जेठ को आराजी नं0-162 मिला जिसमें सहगवन पेड़ पहले लगा हुआ है अपने-अपने नम्बर पर कब्जा है जिसका समझौता थाने पर किया गया था फिर भी प्रार्थिनी के पति अपने भाई राधेलाल से फोन पर कई बार पूछे कोई दिक्कत तो है नही भईया जी जिसपर राधेश्याम ने कहा हमें कोई दिक्कत नही है राधेलाल के सहमति मिलने के बाद प्रार्थिनी द्वारा 150 पेड महोगनी व 200 लिप्टस का लगायी थी। प्रार्थिनी हर तीसरे दिन प्रयागराज से आकर पेड़ की देखभाल व खाद-पानी देती थी। प्रार्थिनी हर बार की तरह इस बार भी दिनांक 03.09.2023 को समय 02:00 से 03:00 बजे अपने पेड़ की देखभाल हेतु गाँव आ रही थी, जब प्रार्थिनी अपने खेत के पास पहुंची तो देखी की प्रार्थिनी का भतीजा नीरज पुत्र राधे लाल निवासी ग्राम शिवदासपुर, थाना कपसेठी, जिला वाराणसी प्रार्थिनी का सब लगभग 300 पेड़ उखाड़ कर फेंक दिया था और बाकी का उखाड़ कर फेंक रहा था और राहगिर पेड़ को ले जा रहे थे। प्रार्थिनी ने जब मना किया तो नहीं माना और सारा पेड़ उखाड़ कर फेंक दिया और प्रार्थिनी ने जब मना करने की कोशिश की तो प्रार्थिनी के साथ बदतमीजी व अपमान जनक गाली भी दिया। प्रार्थिनी का दुपट्टा खिचने लगा जिससे प्रार्थिनी अपने को बचाने का प्रयास किया तो प्रार्थिनी का बैग वही गिर गया जिसमें प्रार्थिनी का 10,000/-रूपया था जिसे नीरज ने निकाल लिया और प्रार्थिनी को बोला यहाँ से भाग जाओ नहीं तो जान से मार देंगें और बोला की हमारे खिलाफ कार्यवाही करोगी तो हमारे थाने के थाना इंचार्ज हमारे परिचित है समझ लेंगे कोई कार्यवाही नहीं कर पाओगी। पौधे के नुकसान से प्रार्थिनी का लगभग 50,000/ रूपया की क्षति हुई है ।


