✍️✍️ कोर्ट ने प्रभारी निरीक्षक रामनगर को मुकदमा दर्ज करने का दिया आदेश


Varanasi: अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नपेंद्र कुमार की अदालत ने हीरा मौर्या बनाम अखिलेश यादव के मामले में प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156 (3) को स्वीकार करते हुए प्रभारी निरीक्षक थाना रामनगर को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करके नियमानुसार विवेचना अमल में लाने व कृत कार्यवाही 15 दिन के अंदर न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया। 

👉 बता दे की प्रार्थी ने अपने अधिवक्ता हरिकेश गुप्ता के जरिए प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156 (3) न्यायालय में दाखिल किया था जिसमें कथन किया गया है कि प्रार्थी म0 नं0 1/174 सिहाबीर गोलाघाट भीटी रामनगर जिला वाराणसी का निवासी है विपक्षी अखिलेश यादव पुत्र बाबू नंदन यादव निवासी सिहावीर भीटी रामनगर ,थाना रामनगर, जिला वाराणसी का है। विपक्षी जमीन खरीद फरोख्त का व्यापार करता है। विपक्षी प्रार्थी से जमीन क्रय के लिए आग्रह किया जिस पर विपक्षी आ0 नं0 38, 39, 74, में 3 विस्वा जमीन मौजा परोरवा, परगना राल्हुपुर, तहसील पं0 दीनदयाल नगर मुगलसराय जिला चंदौली का दिखाया। उक्त आराजी पर विपक्षी मालिक काबिज व दाखिल चला आ रहा है। उक्त आराजी प्रार्थी को पसंद आई जिसके बाबत प्रार्थी ने विपक्षी से 5,00,000/ रू0 प्रति बिस्वा में तय किया जिस पर प्रार्थी ने समक्ष गवाह विपक्षी को मु0 13,00,000/ रु0 अदा किया। विपक्षी जमीन के बाबत रुपए लेने के बाद बैनामा करने से इन्कार कर दिया और लिए गए रुपए में से मु0 8,60,000/रु0 जरिए चेक सांख्य 331780 आई0 डी0 बी0 आई0 बैंक शाखा सिगरा जिला वाराणसी दिनाक 03.11.2022 को दिया। प्रार्थी उक्त चेक को रुपए प्राप्त करने हेतु अपने बैंक में लगाया तो उक्त चेक दिनांक 04.11.2022 को अनादृत पर्ची के साथ यह कह कर वापस कर दिया गया कि बैंक रिकॉर्ड में भिन्न है। दिनाक 07.11.2022 को प्रार्थी जब विपक्षी से मिलकर चेक पर हस्ताक्षर की बात बताई तो विपक्षी प्रार्थी को मां-बहन की भद्दी - भद्दी गालियां देते हुए बोला कि मैंने जानबूझकर हस्ताक्षर गलत किए हैं। मैं तुम्हारे से लिया हुआ एक भी रुपए वापस नहीं करूंगा मेरी पहुँच ऊपर तक है अब दुबारा अपना रुपए मांगने मेरे पास आओगे तो गोली मार दूंगा। प्रार्थी ने पुलिस आयुक्त महोदय के समक्ष उपस्थित होकर एक किता प्रार्थना पत्र दिया जिस पर थाना रामनगर वाराणसी द्वारा घटना को संज्ञान में लेते हुए विपक्षी को थाने पर तलब किया गया और विपक्षी थाने पर उपस्थित होकर एक सुलहनामा तहरीर किया सुलहनामा के बाबत प्रार्थी को विपक्षी तीन चेक स0 000037 मु0 5,00,000/ चेक स0 रू0 000038 मु0 4,00,000/ रू0 व चेक स0 000039 मु0 4,00,000/ रू0 दिया और कहा कि इन तीनो चेक से बकाये रूपये का भुगतान हो जायेगा। जब प्रार्थी ने उक्त चेको को अपने बैंक खाते में जमा किया तो उक्त चेक यह कहकर अनादृत कर दिया गया कि चेक पर किये गए हस्ताक्षर सही नहीं है जिस पर प्रार्थी ने दिनांक 09.04.2023 को विपक्षी से सारी बात कही तो विपक्षी प्रार्थी को मां बहन की भद्दी-भद्दी गालियां देने लगा और बोला कि अगर इस बार तुम थाने पर गए तो तुमको और तुम्हारे परिवार को जान से मार कर गायब करवा दूंगा दिनांक 30.04.2023 ई0 को विपक्षी अपने साथ दो अज्ञात व्यक्तियों के साथ प्रार्थी के घर चढ़ आए और मां बहन की भद्दी-भद्दी गालियां देने लगा।अज्ञात व्यक्ति जिसको देखकर पहचान लूंगा। विपक्षी को उकसाते हुए बोला कि हमारे रहते तुम इसका कोई रुपया नहीं लौटना यह साला तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। शोर सुनकर घर के लोग इकट्ठा हो गए। बीच बचाव किए, जिससे विपक्षीगण जाते-जाते बोले अपना रुपया भूल जाओ रुपया मांगोगे तो जान से मार कर फेंक दूंगा।




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