👉बता दें कि अधिवक्ता प्रेम प्रकाश गौतम एवं मंगलेश कुमार दूबे ने एक प्रस्ताव विगत महीने दिया था ,जिस पर दोनों बार के अध्यक्षो ने मामले में उपरोक्त निर्णय लिया।
👉बता दें कि कचहरी विस्थापन को लेकर अधिवक्ताओं का एक वर्ग विगत दिवस कचहरी परिसर में जूलूस निकालकर विरोध प्रकट करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में उनके अनुपस्थिति में उप जिलाधिकारी को पत्रक भी दिया था, तब से कचहरी विस्थापन को लेकर बराबर कुछ न कुछ चर्चा आय दिन होती नजर आई।
👉अब इसे अफवाह कहे या हकीकत अधिवक्ताओं में चर्चा यह भी रही की संदहा में वाराणसी कचहरी के विस्थापन को लेकर राजस्व विभाग की टीम वहां पहुंचकर नाप-जोख करना प्रारंभ कर दिया है। जिसे लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओ का कहना है की सरकार एवं हाईकोर्ट, वाराणसी कचहरी को संदहा में विस्थापित करने का मसौदा तैयार कर चुकी है, दोनों बार के अध्यक्ष इस मामले में चुप्पी साधे है, क्या सरकार का विरोध करने का साहस नहीं। ऐसा अधिवक्ताओ के बीच काफी चर्चा भी रहा। इस बाबत कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओ द्वारा दोनों बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महामंत्री के साथ ही उत्तर प्रदेश बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों एवं सदस्यों के ऊपर भी दबाव बनाया जा रहा है कि बात को गंभीरता से ले अन्यथा यदि विस्थापन की सारी प्रक्रिया सरकार एवं हाईकोर्ट ने पूरी कर ली तो उसे संदहा में विस्थापन से कोई रोक नहीं पायेंगा। वैसे कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा समय-समय पर कचहरी विस्थापन को लेकर पूर्व से वर्तमान तक विरोध प्रकट किया जाता रहा है।
