👉अधिवक्तागण द्वारा रोष व्यक्त करते हुए अपने अपने विचारो को रखा गया। महिला अधिवक्ताओं कहना है कि जिस तरह से सरकार 107/116/151, ग्रामीण न्यायालय, निबंधन कार्यालय जिला न्यायालय से दूर दराज भेज रही है उससे हम अधिवक्ताओ को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकार एक तरफ हितैसी बनने का दिखावा करती है दूसरी तरफ हमारी कार्यों को दूर दराज भेज कर हमारी एकता को भी खंडित कर रही है । शुक्रवार को भी निबंधन कार्यालय से सम्बंधित पूरी कार्य ठप रही। रजिस्ट्री कराने आए लोग कार्य न होने से विवश होकर कुछ लौट गए कुछ बैठे दिखे।
👉अधिवक्तगण का कहना है कि जब तक शासनादेश वापस नहीं लिया जाएगा अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे व जरूरत पड़ी तो अधिवक्ता आमरण अनशन पर भी जा सकते है।
👉शुक्रवार को धरना स्थल पर अधिवक्तगण द्वारा प्रस्ताव पारित हुआ कि शनिवार दिनांक 02.03.2024 को भी अधिवक्तागण सम्पूर्ण दिवस न्यायिक कार्य से विरत रहेगे।
👉 बता दें कि तहसील सदर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महामंत्री ने धरना स्थल पर आकर उन्होंने ने भी अपना समर्थन दिया। धरने को गुरुवार को कमिश्नरी बनारस बार का भी समर्थन प्राप्त हुआ था।
👉 धरना प्रर्दशन की अध्यक्षता दी बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह व संचालन दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री सुरेन्द्र नाथ पाण्डेय व दी बनारस बार एसोसिएशन के महामंत्री कमलेश सिंह यादव ने किया। धरना स्थल पर दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुरलीधर सिंह व बार काउंसिल ऑफ उ०प्र० के सदस्य विनोद कुमार पांडेय उपस्थित रहे। इनके अलावा धरना स्थल पर अजय कुमार श्रीवास्तव,प्रेम प्रकाश सिंह गौतम, मंगलेश कुमार दूबे,अनुज यादव, विपिन कुमार शुक्ला,अशोक सिंह 'दाढ़ी', ब्रजेश कुमार मिश्रा,कल्पना पटेल, सुनन्दा सहाय,आशीष सिंह, रंजन कुमार मिश्रा, मीरा यादव, जयश्री पाठक, रितु पटेल, अंकित कुमार पाण्डेय, शहनवाज खॉन, राजेश सिंह, सतेन्द्र कुमार पाण्डेय, प्रान्शु तिवारी, सूर्यभान सिंह, राजेश कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र पाठक, मयंक मिश्रा, विनय जायसवाल, अखिलेश यादव, राजन कुमार राय, कन्हैया लाल पटेल (पूर्व महामंत्री), धर्मेन्द्र कुमार शर्मा गुड्डू, यामिनी शर्मा, प्रमोद कुमार शर्मा आदि अधिवक्तागण मौजूद रहे।



