वाराणसी: हरदोई के गोली कांड में अधिवक्ता की हुई मृत्यु पर वाराणसी के वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता मंगलेश दुबे ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के ऊपर प्रदेश में लगातार व बार-बार संगीन वारदात दोहराया जाना प्रदेश के संपूर्ण न्यायिक तंत्र के लिए खतरा है। समाज में निर्भीक और सुरक्षित अधिवक्ता ही निष्पक्ष न्याय का प्रहरी है,जो अब सुरक्षित नही है। प्रदेश में घटना की पुनरावृत्ति यह जाहिर करने के लिए पर्याप्त है कि अपराधियों से निपटने के लिए सरकार और उसका संस्थागत ढांचा अपर्याप्त और विफल है। अधिवक्ता की मातृ संस्था उत्तर प्रदेश बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया लंबे अरसे से अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम (एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट) की मांग करते रहे हैं, इसके बावजूद ऐसा कोई अधिनियम अब तक अस्तित्व में न आना खासा चिंताजनक है।
👉पत्रकार के एक सवाल में अधिवक्ता के हड़ताल पर रोक को लेकर उन्होंने कहा कि स्थिति व परिस्थिति को देखते हुए अधिवक्ता हित में यदि सरकार, उत्तर प्रदेश बार व बार काउन्सिल ऑफ इंडिया सही समय पर सही निर्णय ले तो अधिवक्ता को आन्दोलन करने या जाने की जरूरत नही होगी।
