वाराणसी: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार (द्वितीय) की अदालत ने वादिनि कृति सोनकर की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156(3) पर सुनवाई करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष को आदेशित किया की प्रार्थना पत्र में वर्णित घटना के संबंध में समुचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
👉बता दें कि वादिनि ने अपने अधिवक्ता महेन्द्र मोहन मिश्र, आलोक पाठक व अमित त्रिपाठी बंटी के जरिए धारा 156(3) माननीय न्यायालय में दाखिल किया था। जिसमे प्रार्थिनी द्वारा सहपाठी के ऊपर एलएलबी पढ़ाई के दौरान जबरदस्ती सम्बंध स्थापित करना व अप्राकृतिक सेक्स एवम शादी का झांसा देने जैसे कई आरोप लगाए गए है।
