""बचाव पक्ष की ओर से अदालत में अधिवक्ता कौशल कुमार ने पक्ष रखा""
👉बता दें कि बहला फुसलाकर भगाने का आरोप अभियोजन कथानक के अनुसार था। जबकि विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया कि अभियुक्त निर्दोष है,मिथ्या मनगढ़ंत कथानक के आधार पर आरोपित किया गया है, पीड़िता बालिग है, जिसकी उम्र लगभग 20 वर्ष है, पीड़िता अपनी स्वेच्छा से अभियुक्त के साथ सूरत जाकर अंबे माता मंदिर में विवाह की है, पीड़िता का बयान अंतर्गत धारा 161 व 164 दं.प्र.स विरोधाभाष है। वादी मुकदमा की पुत्री पीड़िता अभियुक्त की धर्मपत्नी है तथा उसे आज भी अपने पत्नी के रूप में अपने साथ रखने को तैयार है। पीड़िता ने भी न्यायालय में उपस्थित होकर अपने प्रार्थना पत्र मय शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करते हुए उपयुक्त कथन को कहा और बताया कि वह बालिग है, वर्तमान में अभियुक्त अखिलेश के माता-पिता के साथ उनके घर पर रह रही है और अखिलेश के साथ अपना जीवन यापन करना चाहती है।
