वाराणसी: पिछले चुनाव में वाराणसी की सीट पर सपा से मात खा चुकी भाजपा इस बार हर हाल में अपनी इस सीट को फिर से जीतने के प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। स्नातक क्षेत्र विधान परिषद चुनाव को लेकर अभी से चचाओं का दौर शुरू हो चुका है। जब से भाजपा समर्पित अधिवक्ता का नाम सोशल मीडिया पर स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए प्रकाश में खुद अधिवक्ता द्वारा कहा गया।
👉 ऐसे में भाजपा भी मजबूत प्रत्याशी के चयन पर बल देगी। पिछले चुनाव की खामियों को दूर करने और वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए पार्टी कोई कसर छोड़ना नहीं चाहेगी। इसी क्रम में इस बार वाराणसी कचहरी से युवा अधिवक्ता और बार के पदाधिकारी प्रशांत श्रीवास्तव "पिंटू" भी चुनाव में ताल ठोकने की तैयारी में हैं। भाजपा विधि प्रकोष्ठ के नेता प्रशांत श्रीवास्तव कभी एक समय में वर्तमान एमएलसी आशुतोष सिन्हा के करीबी थे और दोनों एक साथ एलएलबी कर कचहरी में वकालत शुरू किये। छात्र राजनीति में एक साथ काम करने वाले प्रशांत श्रीवास्तव ही पिछले चुनाव में आशुतोष सिन्हा के चुनाव की रणनीति के साथ साथ दिया था किंतु अब श्री सिन्हा के एमएलसी बन जाने के बाद दोनों के बीच दूरियां भी बढ़ती गई जिसका परिणाम ये रहा की प्रशांत श्रीवास्तव ने अपना रास्ता अलग कर भाजपा में शामिल होकर विधि प्रकोष्ठ के द्वारा अधिवक्ताओं के बीच काम करने लगे व कचहरी में बार का चुनाव भी लड़े और जीते।
👉 एडवोकेट प्रशांत श्रीवास्तव का कहना है कि भाजपा इस बार उनको प्रत्याशी बनाती है तो वह पार्टी को निराश नहीं करेगें बल्कि जीत पक्की कर पार्टी का नाम रोशन करेंगे। वही बात की जाए तो प्रशांत को टिकट मिलने पर सपा एमएलसी की मुश्किलें बढ़ जाएंगी और परिणाम में अंतर भी देखा जा सकता है।
पिछले चुनाव में दोनो सीट सपा ने जीत दर्ज की थी
👉बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में एमएलसी के चुनावों में भाजपा को समाजवादी पार्टी (सपा) से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। स्नातक एमएलसी चुनाव और शिक्षक एमएलसी चुनाव में सपा ने जीत दर्ज की थी।स्नातक एमएलसी चुनाव में सपा के आशुतोष सिन्हा ने 3,850 मतों से जीत दर्ज की थी। स्नातक एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के आशुतोष सिन्हा ने 22वें राउंड में भाजपा के उक्त समय निवर्तमान स्नातक एमएलसी केदारनाथ सिंह को 3,850 मतों से मात दी थी। सपा प्रत्याशी को 26,535 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्विंदी भाजपा प्रत्याशी 22,685 वोट मिले थे।
