👉 अभियोजन पक्ष के अनुसार श्रीनगर कालोनी अकथा पहड़िया निवासी अधिवक्ता प्रशांत सिंह ने सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। आरोप था कि 18 जनवरी 2024 को शाम 7 बजे प्रार्थी अपने पालतू कुत्ते को इंजेक्शन लगवाने के लिए अपनी कार घर से बाहर निकालने लगा। उसी दौरान मुख्य द्वार पर पडोस के रहने वाले पेंट व होटल व्यवसायाई मदन अग्रहरि के बडे़ भाई बाल मुकुंद की चार पहिया वाहन खड़ी थी। जब उसने गाड़ी हटाने के लिए कहा तो वह आग बबूला हो गये और गालियां देने लगे। जब उसने विरोध किया तो बाल मुकुंद, मदनलाल, मोहनलाल व सुजीत अग्रहरि 10-15 अपने अज्ञात लेबरो व कर्मचारियों के साथ प्रार्थी के घल में घुस आये। इस दौरान मदनलाल अग्रहरि अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाल कर उसके कनपटी पर सटा दिया और मारना-पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर उसकी पत्नी जब बीच बचाव करने पहुँची तो हमलावरों ने उसे धमकाते हुए कहा की यहा से हट जाओ नही तो तुम्हें व तुम्हारे पति दोनों को जान से मार दुंगा। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जुटने लगे तो सभी हमलावर गालियाँ व जान से मारने की धमकी देते हुए वहा से भाग गये।
वाराणसी। गाड़ी हटाने के विवाद को लेकर अधिवक्ता के घर में घुसकर लाइसेंसी रिवाल्वर से आतंकित कर मारने पीटने के मामले में तीन आरोपितों को कोर्ट से राहत मिल गयी। न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) जयति की अदालत ने अकथा, पहड़िया (सारनाथ) निवासी आरोपित मदनलाल, मोहनलाल व सुजीत अग्रहरि को 25-25 हजार रुपये की दो जमानते एवं बन्धपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, कृष्णा यादव ईलू व रोहित यादव ने पक्ष रखा""
