वाराणसी: जिला सत्र न्यायालय के न्यायाधीश संजीव पाण्डेय की अदालत ने थाना रोहनिया में दर्ज आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में अभियुक्त जनार्दन सिंह उर्फ टुन्ना सिंह पुत्र जटाशंकर सिंह निवासी बखानी थाना रोहनिया जिला वाराणसी की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।
""अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान ने किया""
👉 अभियोजन के अनुसार वादी लाल बिहारी पटेल का पुत्र सौरभ कुमार सिंह घर पर रहकर पशु आहार की दुकान अपने मकान में चलाता था। विपक्षीगण जनार्दन सिंह उर्फ टुन्ना सिंह व पुत्री सोनम राय व दामाद अज्ञात, अनिल कुमार व ओम प्रकाश केशरी एक गिरोह व गोल के है। सोनम राय ने दि० 20-07-2024 को सौरव कुमार सिंह के बैंक आफ बड़ौदा शाखा डी०एल०डब्लू के खाते में 700000/- (सात लाख) आर०टी०जी०एस० के माध्यम से ट्रान्सफर किया था। दि०- 20-07-2024 को ही सोनम व उसके पति व जनार्दन सिंह उर्फ टुन्ना सिंह बैंक वालो की मिली भगत से सौरव के खाते से निकलवाए गये रूपये बैंक में ही कैश ले लिया जो बैंक के सीसी फूटेज देखने से पता चल जायेगा। 06 नवम्बर को सांय लगभग 05 बजे विपक्षी जनार्दन सिंह उर्फ टुन्ना सिंह व ओम प्रकाश केशरी सौरव के दुकान पर आये उसको प्रताड़ित करने लगे तथा पैसो की मांग करने लगे, सौरव ने कहा कि मैने सात लाख रुपया बैंक से निकलवाकर कैस 20-07-2024 को ही आप लोगो को दे दिया है उसके अलावा आप लोगो के प्रताड़ित करने पर पांच लाख रुपया अलग से आप लोगो को दे चुका है। उस समय मौके पर वादी लाल बिहारी पटेल, विकास कुमार सिंह, संजय पटेल व गौरव कुमार सिह मौजूद थे और सारी बातों को सुना। उन लोगो के जाने पर वादी ने अपने बेटे से पूछा उसने बताया कि सात लाख विपक्षीगण दिये थे। उसी दिन बैंक से निकलवाकर मैने दे दिया इसके अलावा मैं पांच लाख रुपया दे चुका और ग्यारह लाख रुपये की मांग कर रहे है। दिनांक 06-11-2024 को सौरव खाना खा रहा था। उसी समय अनिल कुमार ने उसे फोन कर शाम 7.15 बजे अपने अण्डे के दुकान पर बुलाया। वहां पर विपक्षीगण उपरोक्त मौजूद थे। सौरव के पहुंचते ही सभी विपक्षीगण उसे मारने पीटने लगे और जान से मारने की धमकी भी देने लगे तथा मोबाईल छीनकर उसमे लगा सिम निकाल लिये। मौके पर गांव के बहुत सारे लोग मौजूद थे। लोगो ने बीच बचाव किया विपक्षीगण उपरोक्त भू-माफिया है तथा निरीह लोगों को फंसा कर उनसे जबरजस्ती पैसा ऐंठना इन लोगों का पेशा है। सौरव किसी तरह जान बचाकर घर की ओर भागा तथा घर में मौजूद लोगों को कोई जानकारी नहीं दिया तथा विपक्षीगणों की प्रतावना की वजह से अपने सोने वाले कमरे में जाकर दुपट्टे से पंखे में बाधकर गले में फन्दा लगाकर झूल गया। घर में मौजूद विजय कुमार खिड़की से देखे तो सौरव पंखे से झूल रहा था। आनन फानन में घर के सदस्यों के सहयोग से उसे पंखे से नीचे उतार कर हेरिटेज हास्पिटल ले गये जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
